भोपाल, https://dhadkannews.com : ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की चार्जशीट ने कहानी को सिर्फ एक मौत की घटना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन घटनाओं की कड़ी सामने रखी है जो कथित तौर पर मौत से पहले लगातार बढ़ते मानसिक तनाव की ओर इशारा करती हैं।
जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई का आरोप है कि ट्विशा को शादी के बाद मानसिक प्रताड़ना, अपमान और भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ा। एजेंसी ने फिलहाल मामले में मानसिक क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोपों को आधार बनाया है।
सुबह घर छोड़ने की तैयारी… रात में जिंदगी खत्म
चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम का सबसे अहम हिस्सा 12 मई का बताया गया है। सीबीआई के मुताबिक, सुबह ट्विशा ने अपनी मां से ₹3,000 मांगे। पिता ने पैसे भेजे और इसके बाद उन्होंने नसीराबाद जाने के लिए ट्रेन टिकट बुक किया। यानी जिस दिन रात में उनकी मौत हुई, उसी दिन सुबह वह कथित तौर पर उस घर और रिश्ते से बाहर निकलने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन दिन खत्म होने से पहले घटनाक्रम ने भयावह मोड़ ले लिया।
काउंसलिंग भी नहीं बचा पाई रिश्ता
सीबीआई के अनुसार, उसी दिन ट्विशा और समर्थ सिंह डॉक्टर के पास कपल काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि डॉक्टर ने समर्थ को ट्विशा की मानसिक स्थिति समझाते हुए उन्हें धैर्य से सुनने और समय देने की सलाह दी थी। इसके बावजूद, सीबीआई के मुताबिक घर लौटने के बाद परिस्थितियां नहीं बदलीं।
‘मेरी जिंदगी नरक बन गई है’—मैसेजों में दर्ज थी बेचैनी
जांच के दौरान ट्विशा के अपनी मां और ननद को भेजे संदेश अहम सबूत बताए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, ट्विशा ने रिश्ते को लेकर निराशा जताई थी और अपनी मानसिक स्थिति खराब होने की बात कही थी। एक संदेश में उन्होंने कथित तौर पर अपनी जिंदगी को “नरक” बताया और एंग्जायटी अटैक आने की बात कही। ननद से बातचीत में भी उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यह रिश्ता अब नहीं चल सकता।
फिर आया वह आखिरी संदेश
रात करीब 9:20 बजे ट्विशा की अपनी ननद से फोन पर बातचीत हुई। सीबीआई के अनुसार, इसके कुछ ही मिनट बाद उन्होंने एक संदेश भेजा: “Let me die in peace right now.” जांच एजेंसी ने इस संदेश को उनके मानसिक हालात से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।
CCTV ने भी जोड़ा घटनाक्रम का अगला हिस्सा
चार्जशीट के मुताबिक, रात करीब 9:40 बजे ट्विशा अकेले छत की ओर जाती CCTV में दिखाई दीं। इससे पहले उन्होंने अपने माता-पिता को फोन कर कथित तौर पर डर लगने और जल्द से जल्द उन्हें वहां से ले जाने की बात कही थी। इसके बाद परिवार की ओर से कई बार फोन किए गए, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
चरित्र से लेकर गर्भपात तक—कई मोर्चों पर तनाव का आरोप
सीबीआई का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा को उनके पुराने रिश्तों को लेकर अपमानित किया जाता था और उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे। गर्भपात को लेकर भी विवाद का उल्लेख चार्जशीट में है। जांच एजेंसी के अनुसार, ट्विशा ने गर्भपात से संबंधित दवा ली थी और इसके बाद उन पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया। चार्जशीट में यह आरोप भी दर्ज है कि सास ने उन्हें गर्भपात के मुद्दे पर तीन बार “हत्यारा” कहा।
₹20 लाख का निवेश भी बना तनाव की वजह?
मामले में आर्थिक विवाद का एंगल भी सामने आया है।सीबीआई के मुताबिक ट्विशा के डीमैट खाते में लगभग ₹20 लाख के शेयर निवेश थे। आरोप है कि पति और सास उन पर यह रकम संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे। ट्विशा ने कथित तौर पर इस रकम को अपने पिता की बताया था। सीबीआई के अनुसार, मौत वाले दिन भी उन्होंने अपनी ननद से इसी निवेश की रकम को लेकर दबाव की शिकायत की थी।
पोस्टमार्टम ने क्या बताया?
एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया था। परिवार की आपत्ति के बाद एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
दूसरी रिपोर्ट में भी मौत को फांसी के कारण हुई आत्महत्या बताया गया। रिपोर्ट में ऐसी गंभीर चोट का उल्लेख नहीं है, जो मौत से पहले मारपीट या संघर्ष की ओर संकेत करे।
CBI की जांच अभी खत्म नहीं हुई
मामले में अभी कुछ अहम फॉरेंसिक जांच बाकी हैं। ट्विशा के मुख्य आईफोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। घर से जब्त DVR की जांच भी जारी है, जिससे CCTV फुटेज में किसी संभावित छेड़छाड़ का पता लगाया जा सके। समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के वॉइस सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। दहेज की मांग और दहेज मृत्यु से जुड़े पहलुओं की जांच भी जारी रहने की बात सीबीआई ने कही है।



