नोएडा, https://dhadkannews.com : ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव से सामने आया 6 साल की मासूम बच्ची के रेप और हत्या का मामला उस वक्त और सनसनीखेज हो गया, जब पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटे बाद कथित आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया। बच्ची के लापता होने की शिकायत से शुरू हुई पुलिस की तलाश CCTV फुटेज तक पहुंची और फिर वही सुराग पुलिस को उस शख्स तक ले गया, जिसे इस जघन्य वारदात का आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान बलराज के रूप में हुई है।
पहले मासूम गायब हुई, फिर मिला शव
हल्दौनी गांव में बच्ची के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईकोटेक-3 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और बच्ची की तलाश के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित कीं।
पुलिस टीमों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू करने के साथ-साथ CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान बलराज के तौर पर हुई। लेकिन तब तक मामला सिर्फ गुमशुदगी का नहीं रह गया था। पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया।इसके बाद जांच ने अचानक रफ्तार पकड़ ली।
CCTV से मिला सुराग, पीछा करते-करते पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम को देखते ही भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी।इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। पुलिस के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय ही उसकी मौत हो गई।
यानी जिस मामले में कुछ घंटे पहले तक एक मासूम की तलाश चल रही थी, उसी मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी की मौत की खबर सामने आ गई।
एक बच्ची की हत्या से बड़ा सवाल—क्या इतनी जल्दी खुल गया पूरा राज?
इस घटना का सबसे बड़ा पहलू सिर्फ आरोपी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि यह है कि मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ी। एक तरफ परिवार अपनी बच्ची को तलाश रहा था। दूसरी तरफ पुलिस ने पांच टीमें लगाकर CCTV फुटेज खंगालीं। सुराग मिला, संदिग्ध की पहचान हुई और पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान मुठभेड़ हो गई।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले गोली चलाई और जवाबी फायरिंग में वह मारा गया। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, ताकि पूरी तस्वीर सामने आ सके।
UP में एनकाउंटर की कहानी भी कम बड़ी नहीं
ग्रेटर नोएडा की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक योगी सरकार के करीब नौ वर्षों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 17 हजार से अधिक मुठभेड़ की कार्रवाई की। इनमें 289 से अधिक अपराधियों के मारे जाने और 11 हजार से ज्यादा के घायल होने का आंकड़ा सामने आया है। औसतन रोज करीब पांच मुठभेड़ की कार्रवाई का दावा किया गया है।
मेरठ जोन सबसे आगे
एनकाउंटर के आंकड़ों में मेरठ जोन सबसे ऊपर रहा। यहां 4,813 मुठभेड़ की कार्रवाई में 8,921 अपराधियों की गिरफ्तारी, 3,513 अपराधियों के घायल होने और 97 अपराधियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है। इन मुठभेड़ों में 477 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि दो पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हुए।
वाराणसी दूसरे और आगरा तीसरे नंबर पर
वाराणसी जोन में 1,292 मुठभेड़ हुईं। इनमें 2,426 अपराधियों की गिरफ्तारी और 29 अपराधियों के मारे जाने की जानकारी है। इस दौरान 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए।
आगरा जोन में 2,494 मुठभेड़ की कार्रवाई में 5,845 अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने, 968 के घायल होने और 24 अपराधियों के मारे जाने का आंकड़ा सामने आया है।
इसके अलावा बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ों में 21, लखनऊ जोन में 971 मुठभेड़ों में 20 और गाजियाबाद कमिश्नरी में 789 मुठभेड़ों में 18 अपराधियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है।
गौतमबुद्ध नगर में भी 1,144 मुठभेड़ की कार्रवाई में नौ अपराधियों के मारे जाने का आंकड़ा सामने आता है।
मासूम के परिवार को इंसाफ चाहिए—और अब सवाल भी
बलराज के एनकाउंटर के बाद पुलिस के लिए यह कार्रवाई भले ही एक बड़ी सफलता के तौर पर देखी जा रही हो, लेकिन परिवार के लिए असली सवाल अपनी 6 साल की बच्ची को खोने का है।
एक मासूम बच्ची की जिंदगी छीन ली गई। आरोपी की मौत हो गई। लेकिन इस पूरी घटना में यह भी जरूरी है कि जांच के हर पहलू को सामने लाया जाए—बच्ची के साथ क्या हुआ, वारदात कैसे हुई, आरोपी तक पुलिस कैसे पहुंची और मुठभेड़ की परिस्थितियां क्या थीं।
क्योंकि एक आरोपी का मारा जाना घटना का अंत हो सकता है, लेकिन एक मासूम की मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिलना ही असली इंसाफ होगा।
‘DHADKAN NEWS’ की नजर इस मामले की आगे की पुलिस जांच और आधिकारिक अपडेट पर बनी रहेगी।



