संवाददाता, https://dhadkannews.com : भारतीय संगीत की अमर आवाज़ और दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि सीने में संक्रमण के चलते उन्हें एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे से लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे, जबकि शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
नियति का अद्भुत संयोग
संगीत की दुनिया के लिए यह सिर्फ एक शोक नहीं, बल्कि एक भावुक संयोग भी है। आशा भोसले की बड़ी बहन लता मंगेशकर ने भी 6 फरवरी 2022 को 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा था। दोनों बहनों का निधन एक ही उम्र में और रविवार के दिन होना—फैंस के लिए गहरी भावनात्मक याद छोड़ गया है।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मी आशा भोसले, महान गायक दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। पिता के निधन के बाद छोटी उम्र में ही उन्होंने और लता मंगेशकर ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली।
- 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ से गायन की शुरुआत
- 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया’ के गीत ‘सावन आया’ से बॉलीवुड में एंट्री
- 20 से अधिक भाषाओं में 12,000+ गानों की विरासत
उनकी आवाज़ में रोमांस, ग़ज़ल, पॉप, कैबरे—हर रंग बसता था।
संगीत जगत में शोक की लहर
आशा ताई के निधन की खबर से पूरा बॉलीवुड और देश शोकाकुल है। सोशल मीडिया पर कलाकारों, नेताओं और फैंस ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को अमर बताया।
एक युग का अंत
आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की जीवित विरासत थीं। उनके जाने के साथ एक ऐसा युग खत्म हुआ, जिसकी गूंज आने वाली पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी।



