गुना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के गुना से सामने आया ‘कैश कांड’ सिर्फ एक रिश्वत का मामला नहीं, बल्कि पुलिस सिस्टम के भीतर मौजूद गंभीर खामियों को उजागर करता है।
धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई चौकी पर रात की नाकाबंदी के दौरान गुजरात नंबर की एक स्कॉर्पियो से करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिलने की सूचना है। नियम साफ कहते हैं—इतनी बड़ी रकम मिलने पर इनकम टैक्स और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन यहीं से कहानी में ट्विस्ट आ गया।
💰 ‘कानून’ से ज्यादा ‘कैश’ भारी?
सूत्रों के मुताबिक, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा कर दिया। यानी एक करोड़ की बरामदगी को “डील” में बदल दिया गया लेकिन ये ‘डील’ ज्यादा देर छिप नहीं सकी।
📞 एक कॉल और खुल गया पूरा खेल
कहानी में बड़ा मोड़ तब आया, जब गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का फोन इस केस से जुड़ा।बताया जा रहा है कि इसी कॉल के बाद मामला ऊपर तक पहुंचा। कथित रूप से लिए गए 20 लाख रुपये वापस किए गए और पूरी घटना सिस्टम के सामने आ गई। हालांकि, इस “पैसे लौटाने” वाली बात की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
🚨 DIG की एंट्री, तुरंत एक्शन
ग्वालियर रेंज के DIG अमित सांघी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।थाना प्रभारी से लेकर आरक्षक तक कार्रवाई की जद में है।
🔄 SP हटे, नई पोस्टिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सख्त कदम उठाया। SP अंकित सोनी को हटा दिया गया, उनकी जगह हितिका वसल को नया SP नियुक्त किया गया है।
⚖️ बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ 20 लाख की रिश्वत का नहीं है—सवाल यह है कि क्या सिस्टम में ‘कैश सेटलमेंट’ अब नया ट्रेंड बनता जा रहा है? और क्या हर मामला ऐसे ही “फोन कॉल” का इंतजार करता है?



