नोएडा, संवाददाता https://dhadkannews.com: ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत के बाद नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने दो नामी रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया है।
परिजनों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी कीमत उनके बेटे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
घटना शुक्रवार देर रात की है, जब गुरुग्राम स्थित एक आईटी कंपनी में कार्यरत युवराज ऑफिस से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी। नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एटीएस ले-ग्रैडियोज के पास टी-प्वाइंट पर पहुंचते ही उनकी कार अनियंत्रित हो गई और नाले की दीवार तोड़ते हुए एक निर्माणाधीन मॉल के गड्ढे में जा गिरी, जहां पानी भरा हुआ था। कार के पानी में डूब जाने से युवराज की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक जिस निर्माणाधीन मॉल में यह हादसा हुआ, वह प्लॉट नोएडा प्राधिकरण के कब्जे में था। इसके बावजूद न तो चारदीवारी बनाई गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी।
मृतक के पिता का आरोप है कि घटनास्थल पहले से ही एक खतरनाक मोड़ के रूप में जाना जाता था, लेकिन वहां न तो पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रिफ्लेक्टर लगाए गए थे। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इंजीनियर युवराज की मौत पर दो बिल्डर कंपनियों पर केस दर्ज



