लखनऊ/मुरादाबाद, https://dhadkannews.com :उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुए बहुचर्चित अकबर कंपाउंड डकैती कांड का पुलिस ने लगभग पूरा पर्दाफाश कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल वारदात में फरार चल रहे दो और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दावा किया है कि अब इस मामले के सभी प्रमुख आरोपी कानून की गिरफ्त में हैं।
नागफनी थाना क्षेत्र स्थित कारोबारी इमरान के घर हुई इस सनसनीखेज डकैती में गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान बिजनौर निवासी रोहित और आदित्य के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में जेल भेजे जाने वाले आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि डकैती की साजिश घर के भीतर से ही तैयार की गई थी। कारोबारी की बेटी अरिबा ने अपने प्रेमी अरशद वारसी को घर के कमरों, सुरक्षा व्यवस्था और तिजोरी के डिजिटल लॉक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां उपलब्ध कराई थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर पूरी वारदात की रणनीति बनाई गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने डकैती को अंजाम देने से पहले कई बार कारोबारी के घर की रेकी की थी। तय योजना के तहत देर रात घर में प्रवेश कर उन्होंने कारोबारी के बेटे को हथियार के बल पर बंधक बनाया और फिर नकदी व कीमती जेवरात लेकर फरार हो गए।घटना के बाद सक्रिय हुई नागफनी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने तकनीकी विश्लेषण तथा लगातार छापेमारी के जरिए पहले 47 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में करीब 23 लाख रुपये और मिले। नवीनतम कार्रवाई के बाद पुलिस ने कुल लगभग 99 लाख रुपये की बरामदगी का दावा किया है। मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि इस बहुचर्चित डकैती कांड के सभी मुख्य और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब अपराध की साजिश घर की चौखट के भीतर तैयार हो, तो सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी कैसे ध्वस्त हो सकती है।



