देहरादून, संवाददाता https://dhadkannews.com : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मंगलवार सुबह अचानक धरती कांप उठी। भूकंप के हल्के लेकिन स्पष्ट झटके महसूस किए गए, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। एनसीएस के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में 29.93 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.07 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। झटकों का असर आसपास के इलाकों के साथ-साथ हरिद्वार और ऋषिकेश तक देखा गया।
भूकंप के बाद कुछ देर के लिए लोग सतर्क हो गए, हालांकि किसी तरह की भगदड़ या अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी। जिला प्रशासन और तहसीलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पहाड़ों में बढ़ती चिंता
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड भूकंपीय जोन में स्थित होने के कारण यहां ऐसे झटके चिंता का विषय बने रहते हैं। राज्य में भूगर्भीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए GPS आधारित निगरानी सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि संभावित खतरे को समय रहते समझने के लिए तकनीकी ढांचे को और मजबूत करना जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड इससे पहले 1991 के उत्तरकाशी और 1999 के चमोली भूकंप जैसी बड़ी आपदाओं का सामना कर चुका है। लंबे समय से बड़े भूकंप की अनुपस्थिति के बावजूद, धरती के भीतर जारी हलचलें आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है, लेकिन जागरूकता, तैयारी और सतर्कता ही ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सबसे बड़ा बचाव है।



