नई दिल्ली/भोपाल, https://dhadkannews.com/ :ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज सीबीआई जांच का सबसे निर्णायक दिन माना जा रहा है। रिमांड के दूसरे दिन जांच एजेंसी आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि दोनों के बयानों में छिपे विरोधाभास सामने आ सकें। सूत्रों की मानें तो आज की पूछताछ सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उस रात के पूरे घटनाक्रम को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने की कोशिश होगी।
“किसने उतारा फंदा?” अब इसी कहानी की होगी पड़ताल
सीबीआई आज दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर भी ले जा सकती है। जांच एजेंसी वहां डमी पुतले के जरिए यह समझने की कोशिश करेगी कि ट्विशा को कथित तौर पर फंदे से कैसे उतारा गया था। समर्थ सिंह ने बयान दिया है कि उन्होंने ट्विशा को नीचे उतारा, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह ने गले की गांठ खोली थी। अब सीबीआई यह जांचेगी कि जिस तरीके का दावा किया जा रहा है, वह घटनास्थल की परिस्थितियों, ऊंचाई और इस्तेमाल हुई बेल्ट की मजबूती से मेल खाता भी है या नहीं। सूत्रों के अनुसार करीब 80 किलो वजन वाले डमी का इस्तेमाल कर पूरा “सीन रिक्रिएशन” किया जाएगा।
फुटेज को लेकर इतनी बेचैनी क्यों थी?
जांच एजेंसी की नजर अब मौत के बाद हुई गतिविधियों पर भी है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई यह जानना चाहती है कि आखिर सीसीटीवी फुटेज को लेकर इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई गई। ब्यूटी पार्लर से फुटेज निकलवाने और कैमरे लगाने वाले व्यक्ति को बार-बार फोन करने के पीछे क्या वजह थी? इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई। जांच एजेंसी को शक है कि घटना के बाद कुछ चीजों को नियंत्रित करने या छिपाने की कोशिश की गई हो सकती है।
“भाग जाओ…” क्या समर्थ को फरार होने के लिए कहा गया था?
सीबीआई गिरिबाला सिंह से यह भी पूछ सकती है कि आखिर समर्थ सिंह को कथित तौर पर फरार होने की सलाह क्यों दी गई। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि अगर मामला सामान्य था, तो फिर परिवार का व्यवहार इतना असामान्य क्यों दिखाई दिया। सूत्रों के मुताबिक अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी जांच में सीमित सहयोग को लेकर भी सवाल उठाए जाएंगे। एजेंसी अब कॉल रिकॉर्ड्स, डिजिटल चैट्स और मूवमेंट डिटेल्स को जोड़कर पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।
प्रेग्नेंसी और रिश्तों के तनाव पर भी फोकस
ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर घर में क्या माहौल था? क्या परिवार में लगातार तनाव चल रहा था? क्या प्रताड़ना के आरोपों में सच्चाई है? सीबीआई इन सभी पहलुओं पर भी गहराई से पूछताछ कर सकती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिले चोट के निशानों को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा ट्विशा की वॉट्सऐप चैट्स और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
प्रभावशाली लोगों को फोन करने के पीछे क्या मकसद था?
घटना के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों, जजों और प्रभावशाली लोगों को किए गए फोन कॉल्स भी अब जांच के दायरे में हैं। सीबीआई यह समझना चाहती है कि क्या ये कॉल्स सिर्फ मदद के लिए थे या फिर जांच की दिशा प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। इस पूरे मामले में अब सीबीआई की नजर सिर्फ मौत की वजह पर नहीं, बल्कि मौत के बाद हुई हर गतिविधि पर है। क्योंकि एजेंसी मान रही है कि कई बार सच घटना से ज्यादा उसके बाद के व्यवहार में छिपा होता है।



