कानपुर, https://dhadkannews.com : आस्था सिंह एक बार फिर सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस का केंद्र बन गई हैं। कुछ महीने पहले बैंक के अंदर सहकर्मियों के साथ कथित विवाद को लेकर वायरल हुए वीडियो के बाद अब उन्होंने एक नया वीडियो जारी कर ई-रिक्शा यात्रा के दौरान अपने साथ अभद्रता होने का आरोप लगाया है।
कानपुर निवासी और निजी बैंक में कार्यरत आस्था सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दावा किया कि मेट्रो स्टेशन जाते समय ई-रिक्शा में बैठे एक व्यक्ति ने उनके साथ गलत हरकत की। वीडियो में उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि भीड़भाड़ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की वजह से अनजाने में टच हुआ होगा, लेकिन कुछ ही सेकेंड में उस व्यक्ति का हाथ उनकी जांघ तक पहुंच गया। आस्था सिंह ने वीडियो में यह भी कहा कि उन्होंने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया है। हालांकि अब तक उन्होंने इस मामले में किसी थाने या पुलिस अधिकारी को औपचारिक शिकायत नहीं दी है। पुलिस के पास शिकायत न पहुंचने के कारण घटना की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग आस्था सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आया और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने बिना पुलिस शिकायत और जांच के किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाने पर आपत्ति जताई। कई लोगों का कहना है कि अगर किसी महिला के साथ अभद्रता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी घटना को धार्मिक पहचान से जोड़ना समाज में तनाव बढ़ा सकता है।
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं आस्था सिंह
इससे पहले भी आस्था सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर अपने सहकर्मी और उसके पति से बहस करती नजर आई थीं। उस घटना ने भी सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब नए वीडियो के बाद उनका नाम फिर चर्चा में है।
शिकायत नहीं, इसलिए जांच का सवाल अधूरा
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के बजाय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना ज्यादा जरूरी होता है, ताकि आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



