भोपाल/नई दिल्ली https://dhadkannews.com :ट्विशा शर्मा केस में CBI की एंट्री के साथ ही जांच का पूरा परिदृश्य बदलता नजर आ रहा है। जिस केस को लेकर अब तक स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी, उसी की फाइलें केंद्रीय एजेंसी के सामने ऐसी हालत में पहुंचीं कि पहले ही दिन सवालों का तूफान खड़ा हो गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी समर्थ जैन से जुड़ी 360 पन्नों से ज्यादा की केस डायरी जब CBI अधिकारियों ने खंगाली तो दस्तावेजों की स्थिति चौंकाने वाली थी। कई पन्ने ऐसे मिले जिनका घटनाक्रम से सीधा संबंध नहीं बन रहा था, जबकि कई महत्वपूर्ण जानकारियां या तो अधूरी थीं या रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज ही नहीं थीं। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों की यह स्थिति देखकर केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी सख्त नाराज हुए। अधिकारियों ने इसे महज तकनीकी चूक मानने के बजाय जांच प्रक्रिया की गंभीर कमजोरी माना और तत्काल रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
CBI की आपत्ति के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूत्र बताते हैं कि SIT प्रमुख को खुद थाने पहुंचकर केस रिकॉर्ड की समीक्षा करनी पड़ी। देर रात तक दस्तावेजों की छंटाई और क्रमबद्ध करने का काम चलता रहा। इस कवायद का असर अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक, रिकॉर्ड पूरी तरह व्यवस्थित न होने के चलते CBI ने अभी तक आरोपी समर्थ जैन की औपचारिक कस्टडी लेने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। यही कारण है कि मंगलवार को प्रस्तावित कोर्ट पेशी को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। कानूनी जानकारों की मानें तो अधूरी या असंगठित केस डायरी अदालत में जांच एजेंसी की स्थिति कमजोर कर सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI अधिकारियों ने सीधे पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में केस डायरी की खामियों पर विस्तार से चर्चा हुई और स्थानीय अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया कि अब जांच में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे में दबाव साफ महसूस किया जा रहा है। SIT टीम रिकॉर्ड को नए सिरे से व्यवस्थित करने में जुटी है ताकि जल्द से जल्द पूरी फाइल CBI को सौंपी जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह सिर्फ अव्यवस्था है या जांच की दिशा को प्रभावित करने वाली कोई गंभीर चूक?
ट्विशा शर्मा केस पहले ही संवेदनशीलता और सवालों के केंद्र में रहा है। ऐसे में CBI जांच के पहले ही दिन सामने आई यह दस्तावेजी खामी इस केस को और पेचीदा बना रही है।
अब सबकी नजर केंद्रीय एजेंसी की अगली चाल पर टिकी है, क्योंकि आने वाले दिन यह तय करेंगे कि ट्विशा केस में सच कितनी तेजी से सामने आता है।



