स्पोर्ट्स डेस्क, https://dhadkannews.com : क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड बल्ले की गूंज से बनते हैं, तो कुछ गेंद की धार से! टीम इंडिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में अपनी गेंदबाजी से ऐसा ही कारनामा कर दिखाया, जिसने भारतीय टी20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया। दो विकेट के साथ अर्शदीप ने एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक टी20 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के 2022 में बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अर्शदीप की यह उपलब्धि केवल दो विकेटों की कहानी नहीं है, बल्कि लगातार बेहतर होते प्रदर्शन, दबाव में गेंदबाजी और भारतीय टी20 टीम में उनकी अहमियत का भी संकेत है।
37 से आगे निकले अर्शदीप, 38 विकेट के साथ नया मुकाम
अर्शदीप सिंह ने न्यूजीलैंड की पारी के दौरान पहले सलामी बल्लेबाज टिम साइफर्ट को अपना शिकार बनाया। इसके बाद पारी के आखिरी ओवर में ग्लेन फिलिप्स का विकेट लेकर उन्होंने मैच में अपना दूसरा विकेट पूरा किया। इसी के साथ उनके नाम साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 38 विकेट दर्ज हो गए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड भुवनेश्वर कुमार के नाम था। भुवी ने 2022 में 32 मैच खेलते हुए 37 विकेट हासिल किए थे। अर्शदीप ने इस आंकड़े को पीछे छोड़कर भारतीय गेंदबाजों की सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया।
खास बात यह है कि अर्शदीप ने यह उपलब्धि 29 मैचों में हासिल की है। अगर उन्हें आगामी मुकाबलों में भी विकेट मिलते रहे, तो वह एक कैलेंडर ईयर में 50 विकेट के आंकड़े तक पहुंचने की चुनौती पेश कर सकते हैं।
181 रन का लक्ष्य, तिलक वर्मा ने संभाली जिम्मेदारी
दूसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 181 रनों का लक्ष्य रखा। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।
जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को अपने पक्ष में किया। तिलक वर्मा ने नाबाद 51 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम की जीत सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली।
अब अर्शदीप के सामने 50 विकेट की चुनौती?
अर्शदीप सिंह के लिए यह रिकॉर्ड व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक मायने रखता है। डेथ ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कला उन्हें भारतीय टीम के महत्वपूर्ण गेंदबाजों में शामिल करती है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि साल के बाकी मुकाबलों में अर्शदीप अपने विकेटों की संख्या कहां तक पहुंचाते हैं। 38 विकेट के बाद 50 का आंकड़ा उनके लिए एक बड़ा लक्ष्य हो सकता है, हालांकि इसके लिए उन्हें आगे भी लगातार मौके और शानदार प्रदर्शन की जरूरत होगी।
फिलहाल, अर्शदीप ने भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड पीछे छोड़कर अपनी छाप छोड़ दी है। दूसरी ओर, भारतीय टीम की सीरीज में मजबूत शुरुआत ने प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। रिकॉर्ड की यह रफ्तार आगे भी जारी रहती है या नहीं, इसका जवाब आने वाले मुकाबलों में मिलेगा।



