नई दिल्ली, https://dhadkannews.com : बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय इलाकों को पार करने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। लेकिन तूफान की ताकत कम होने का मतलब यह नहीं कि खतरा टल गया है। इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।
150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची हवा की रफ्तार
चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देते समय अपना गंभीर रूप दिखाया। मौसम विभाग के अनुसार, तट पार करने के दौरान तूफान की लगातार हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि कुछ झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
28 अक्टूबर की सुबह तक तूफान नरसापुर, यनम और काकीनाडा के आसपास के क्षेत्रों के निकट सक्रिय था। इसके बाद यह उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और इसकी तीव्रता घटने लगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले चरण में यह चक्रवाती तूफान से डीप डिप्रेशन और फिर कमजोर दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। हालांकि, तूफान के साथ आगे बढ़ रहे बादल और वातावरण में मौजूद नमी कई राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ा सकते हैं।
मध्य प्रदेश पर भारी बारिश का सबसे बड़ा खतरा
अर्नब के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 28 से 30 अक्टूबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 29 से 31 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।
लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए जरूरी है कि जलनिकासी व्यवस्था, संवेदनशील इलाकों और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान दें।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी आसमान से आफत के संकेत
चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहने वाला है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और विदर्भ में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
दिल्ली-NCR में बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम करवट ले सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, दिल्ली-NCR के मौसम पर चक्रवात के अवशेषों के साथ अन्य मौसमी प्रणालियों का भी प्रभाव रहेगा। इसलिए स्थानीय पूर्वानुमान और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
कमजोर तूफान को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
मौसम विशेषज्ञों के लिए चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद भी उससे जुड़े वर्षा तंत्र की निगरानी महत्वपूर्ण रहती है। कई बार हवा की रफ्तार घटने के बावजूद भारी बारिश का खतरा बना रहता है। यही वजह है कि अर्नब के तटीय क्षेत्र पार करने के बाद भी विभिन्न राज्यों में मौसम संबंधी चेतावनियां जारी हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों से दूर रहें और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन ले जाने से परहेज करें। मछुआरों को समुद्र में जाने के संबंध में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल संदेश साफ है—तूफान कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन बारिश का खतरा अभी बरकरार है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि अर्नब का अवशिष्ट तंत्र किस दिशा में आगे बढ़ता है और अलग-अलग क्षेत्रों में नमी व अन्य मौसमी प्रणालियां कितनी सक्रिय रहती हैं।



