Wednesday, October 14, 2026
spot_img
Homeराष्ट्रीयजिस आवाज से कांपता था पर्दा, वो हमेशा के लिए खामोश… नाना...

जिस आवाज से कांपता था पर्दा, वो हमेशा के लिए खामोश… नाना पाटेकर नहीं रहे

मनोरंजन डेस्क, https://dhadkannews.com : सिनेमा की दुनिया से सुबह-सुबह आई एक खबर ने लाखों दिलों को स्तब्ध कर दिया। अपनी दमदार आवाज, बेबाक अंदाज और किरदारों में जान डाल देने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली।

बताया जा रहा है कि नाना पाटेकर सुबह अपने घर पर बेहोश पाए गए। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। शुरुआती चिकित्सा जानकारी में कार्डियक अरेस्ट को संभावित वजह बताया गया है।

जिस कलाकार की आवाज ही पहचान बन गई

नाना पाटेकर सिर्फ अभिनेता नहीं थे, वह अपने आप में एक अभिनय की पाठशाला थे। उनका जन्म नाम विश्वनाथ पाटेकर था। वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से उन्होंने फिल्मी सफर शुरू किया और इसके बाद हिंदी तथा मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके निभाए किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा हैं। खास तौर पर ‘क्रांतिवीर’ में उनका अभिनय उनके करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जाता है।

उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि पर्दे पर उनकी मौजूदगी कई बार पूरी कहानी पर भारी पड़ती थी। गुस्सा, दर्द, बेबसी, विद्रोह या खामोशी—नाना पाटेकर हर भाव को अपनी खास शैली में दर्शकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे।

कुछ दिन पहले ही दिखाया था गजब का फिटनेस जुनून

नाना पाटेकर को लेकर हाल ही में एक फिटनेस वीडियो भी चर्चा में आया था। फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर द्वारा साझा किए गए वीडियो में नाना पाटेकर लगातार 15 ट्राइसेप डिप्स करते नजर आए थे। वीडियो के अंत में उनके चेहरे पर वही परिचित मुस्कान दिखाई दी थी।

किसी ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि पर्दे पर इतना मजबूत दिखाई देने वाला यह कलाकार इतनी अचानक दुनिया को अलविदा कह देगा।

आखिरी दौर तक कैमरे से रिश्ता कायम रहा

नाना पाटेकर ने उम्र को अपने काम के रास्ते में कभी बाधा नहीं बनने दिया। हाल के वर्षों में भी वह फिल्मों में सक्रिय रहे। वह ‘हाउसफुल 5’ में अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख जैसे कलाकारों के साथ नजर आए थे।

इसके अलावा विशाल भारद्वाज की ‘ओ’रोमियो’ में उन्होंने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी उनका कैमियो देखने को मिला।

एक अभिनेता नहीं, एक पूरा दौर चला गया

नाना पाटेकर की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने कभी सिर्फ ‘हीरो’ बनने की कोशिश नहीं की। उन्होंने किरदारों को बड़ा बनाया और उसी के साथ खुद को दर्शकों के दिलों में अमर कर दिया।

उनके जाने के साथ हिंदी और मराठी सिनेमा ने सिर्फ एक अभिनेता नहीं खोया है, बल्कि वह आवाज खो दी है जिसे सुनते ही पर्दे पर एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती थी।

नाना पाटेकर नहीं रहे… लेकिन उनके किरदार, उनकी आवाज और उनका अभिनय लंबे समय तक दर्शकों के बीच जिंदा रहेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
DGS SOLAR

Most Popular

Recent Comments