Wednesday, October 14, 2026
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एक बच्चा दो हिस्सों में मिला… गर्भवती महिला मलबे में! सीमापुरी हादसे की खौफनाक तस्वीर

नई दिल्ली, https://dhadkannews.com : दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने अवैध निर्माण की पूरी तस्वीर सामने रख दी। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की क्लस्टर कॉलोनी में करीब 25 गज के भूखंड पर बना पांच मंजिला मकान अचानक भरभराकर गली में जा गिरा। देखते ही देखते पूरा मकान मलबे के ढेर में बदल गया और उसके साथ कई परिवारों की जिंदगी भी संकट में आ गई।

हादसे में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत की सूचना है। वहीं करीब 15 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई। एनडीआरएफ, दमकल, दिल्ली पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। बचाव दल ने अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। सबसे दर्दनाक तस्वीर करीब पांच साल के बच्चे की है, जिसका शव मलबे से दो हिस्सों में मिला। हादसे ने इलाके में मातम पसार दिया।

चार महीने की गर्भवती महिला मलबे में फंसी, मां को करती रही फोन

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक और बेहद मार्मिक जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि करीब चार माह की गर्भवती महिला मलबे में फंसी हुई है। वह अपनी मां को फोन कर लगातार बचाने की गुहार लगाती रही।

परिजन और स्थानीय लोग राहत दल से उसे जल्द से जल्द बाहर निकालने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। खबर लिखे जाने तक बचाव अभियान जारी था।

25 गज में पांच मंजिल, पिलर तक नहीं!

प्रारंभिक जांच में मकान की निर्माण व्यवस्था ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दमकल विभाग के मुताबिक, मकान अनवार नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।

करीब 25 गज के छोटे से भूखंड पर एल-आकार में पांच मंजिला मकान बना था। खास बात यह है कि मकान में किसी तरह के पिलर नहीं होने की बात सामने आई है।भूतल पर बिरयानी और कबाड़ की दुकान चलती थी। पहली मंजिल पर मकान मालिक अपनी पत्नी, बेटे और बहू के साथ रहता था। ऊपर की मंजिलों में करीब 20 किरायेदारों के रहने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में कूड़ा बीनने वाले लोग बताए जा रहे हैं।

एक मकान गिरा तो तीन और इमारतें भी चपेट में आईं

हादसे के दौरान मकान गली की ओर गिरा। इसकी चपेट में आसपास के तीन अन्य अवैध मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इन इमारतों में भी पिलर नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल सिर्फ एक मकान के गिरने का नहीं, बल्कि पूरे इलाके में हुए निर्माण की सुरक्षा का है।

हादसे के वक्त कितने लोग थे? आंकड़ों में भी अंतर

स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे के वक्त मकान के अंदर करीब 10 से 12 लोग मौजूद थे। कुछ पड़ोसी उस समय मकान के बाहर बैठे थे।

दमकल विभाग और पुलिस की टीमें लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश करती रहीं। शुरुआती जानकारी में कई लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की बात कही गई है। शाहदरा के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है। एक बच्चे की मौत हुई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

क्या मंगलवार रात आए भूकंप ने बढ़ाई दरार?

हादसे के बाद एक और सवाल चर्चा में है। जोन चेयरमैन पंकज लूथरा के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद मकान में दरारें आ गई थीं। लूथरा के अनुसार, वह मौके पर पहुंचे और मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। निगम को भी इस बात की पुष्टि करने के लिए कहा गया है कि क्या भूकंप के कारण मकान की संरचना कमजोर हुई थी।

अब सबसे बड़ा सवाल—25 गज में पांच मंजिल कैसे?

सीमापुरी की इस घटना ने दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • क्या इतने छोटे भूखंड पर पांच मंजिला निर्माण की अनुमति थी?
  • अगर मकान में पिलर नहीं थे तो यह निर्माण वर्षों तक कैसे चलता रहा?
  • क्या किसी विभाग ने पहले कभी इसकी संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की थी?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश जारी है और हर गुजरता मिनट परिजनों की बेचैनी बढ़ा रहा है।

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