कानपुर, संवाददाता https://dhadkannews.com :खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश के अधीन राजकीय फल संरक्षण केंद्र, कानपुर नगर द्वारा विकासखंड भीतरगांव के ग्राम दौलतपुर में 13 से 14 अगस्त 2026 तक दो दिवसीय मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार और उद्यम स्थापना के लिए तैयार करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम दौलतपुर में श्रीमती गीता देवी के पति श्री कमलेश कुमार द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सभी लाभार्थियों को प्रशिक्षण किट भी वितरित की गई।
₹2 लाख तक की यूनिट पर ₹1 लाख सब्सिडी
कार्यक्रम के आयोजक एवं राजकीय फल संरक्षण केंद्र कानपुर नगर के संचालक श्री कमलेश बाबू मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षार्थियों को उद्यम स्थापना के लिए विभागीय योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि ₹2 लाख तक की यूनिट पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके लिए डीआरपी श्री शिवम त्रिपाठी द्वारा लाभार्थियों के प्रस्ताव तैयार कर बैंक को भेजे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से लाभार्थियों में एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट स्किल विकसित करने के साथ व्यवसाय से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जा रही है। बैंक ऋण के माध्यम से पूंजी की व्यवस्था और विभागीय सब्सिडी के सहयोग से लाभार्थियों को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्राथमिक स्तर पर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
खाद्य प्रसंस्करण में मूल्यवर्धन और गुणवत्ता पर जोर
खाद्य प्रसंस्करण विषय विशेषज्ञ श्री जितेंद्र मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को नए उद्यम के लिए उत्पाद निर्माण और उसमें मूल्यवर्धन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण विधियों, उत्पादन प्रक्रिया और उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों को समझाया।
प्रशिक्षार्थियों को खाद्य सुरक्षा मानकों एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों के विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी गई, ताकि भविष्य में स्थापित होने वाले उद्यमों में गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा सके।
बैंक लोन के लिए दस्तावेज और सिबिल स्कोर की जानकारी
डीआरपी श्री शिवम त्रिपाठी ने लाभार्थियों को बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, महत्वपूर्ण अभिलेखों की तैयारी और सिबिल स्कोर के महत्व को समझाया।
इसके साथ ही बड़े स्तर पर उद्यम स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना तथा उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। किसानों को आधुनिक सिंचाई पद्धतियों, विशेष रूप से ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ और टपक सिंचाई के बारे में बताया गया, जिनके तहत पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान का लाभ मिल सकता है।
दूसरे दिन 30 लाभार्थियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन सभी 30 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए यह संदेश दिया गया कि उद्यमिता के माध्यम से बेरोजगारी की समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण आधारित छोटे उद्यमों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ किसानों एवं युवाओं को अपनी आय बढ़ाने का नया माध्यम भी मिल सकता है।



