कानपुर/घाटमपुर, https://dhadkannews.com : आम का बगीचा… सुबह का वक्त… और पेड़ों के बीच पड़ा 25 साल की युवती का शव। पहली नजर में यह सिर्फ एक संदिग्ध मौत का मामला लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की पूरी दिशा ही बदल दी।
मृतका करीब छह महीने की गर्भवती थी। डॉक्टरों को पोस्टमार्टम के दौरान मौत की ऐसी वजह नहीं मिली, जिससे तत्काल यह तय किया जा सके कि उसकी जान कैसे गई। अब बिसरा सुरक्षित है और पुलिस की निगाहें उन कड़ियों पर टिकी हैं, जो युवती की मौत से पहले की कहानी से जुड़ी हैं।
एक बच्चा… और जिम्मेदारी से बचते दो नाम?
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में युवती के दो युवकों से संबंध होने की बात सामने आई है। इनमें उसके गांव का 50 वर्षीय गोलू पांडे और पड़ोसी गांव का 28 वर्षीय प्रांजल शामिल हैं।
जांच के मुताबिक, गर्भ ठहरने के बाद युवती दोनों से शादी और बच्चे की जिम्मेदारी लेने की बात कह रही थी। लेकिन दोनों कथित तौर पर शादी के लिए तैयार नहीं थे।यहीं से कहानी में तनाव बढ़ने की बात सामने आ रही है।
गांव की नजरों से बचती रही… फिर अचानक गायब
गर्भावस्था बढ़ने के साथ युवती पर सामाजिक और पारिवारिक दबाव बढ़ता गया। बताया जा रहा है कि वह लोगों से बचने लगी थी। फिर करीब तीन दिन पहले वह अचानक घर से गायब हो गई। अगली सुबह गांव के बाहर आम के बगीचे में उसका शव मिला।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—वह वहां खुद पहुंची थी या कोई उसे वहां लेकर गया था?
हत्या, आत्महत्या या कोई तीसरी कहानी?
मृतका के पिता ने दोनों युवकों पर हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
थाना प्रभारी योगेश सिंह के मुताबिक, पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य संभावित पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है।
अब एक DNA रिपोर्ट बदल सकती है पूरी कहानी
इस मामले की सबसे अहम कड़ी अब DNA जांच बन गई है। पुलिस गर्भ में पल रहे बच्चे से संबंधित नमूने और दोनों संदिग्ध युवकों के DNA का मिलान कराने की तैयारी में है। इससे बच्चे के जैविक पिता की पहचान हो सकेगी और जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
लेकिन उससे भी बड़ा सवाल अभी बाकी है—
छह महीने की गर्भवती युवती आखिर आम के बाग तक कैसे पहुंची?
- क्या उसने खुद मौत को गले लगाया?
- क्या किसी ने उसे वहां पहुंचाया?
- या फिर इस कहानी के पीछे कोई ऐसा राज है, जो अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है?
बिसरा और DNA रिपोर्ट आने के बाद ही घाटमपुर के इस रहस्यमयी मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।



