नई दिल्ली, https://dhadkannews.com : दक्षिण दिल्ली की लोधी कॉलोनी में 28 वर्षीय आकृति सुतार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब फिलहाल जांच एजेंसियों के पास भी नहीं हैं। शादी के महज 71 दिन बाद हुई इस घटना को लेकर परिवार आत्महत्या की संभावना को पूरी तरह खारिज कर रहा है और इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है, जबकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
आकृति 4 जुलाई की शाम ऑफिस से घर लौट रही थीं। परिवार के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे उन्होंने अपनी मां से फोन पर सामान्य बातचीत की और बताया कि वह घर के लिए निकल चुकी हैं। लेकिन रात करीब 8 बजे परिवार को उनके पति अरास्तु सिक्का का फोन आया कि आकृति का कोई पता नहीं चल रहा है। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने सूचना दी कि लोधी कॉलोनी स्थित पालिका कुंज के एक NDMC फ्लैट परिसर में एक महिला गंभीर रूप से घायल मिली थी, जिसे AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार को गहरे संदेह में डाल दिया है। उनका कहना है कि आकृति ने उसी दिन ऑफिस में छुट्टी के बाद वापसी की खुशी में सहकर्मियों के साथ छोटी-सी पार्टी की थी। ऐसे में वह आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाएंगी? परिवार का दावा है कि जिस इमारत के पास उनका शव मिला, वहां सामान्य गतिविधियां कम रहती हैं और घटनास्थल पर खून के स्पष्ट निशान भी नहीं मिले, जिससे उन्हें किसी बड़ी साजिश की आशंका है।परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी भले ही प्रेम और परिवार की सहमति से हुई थी, लेकिन विवाह के बाद परिस्थितियां बदल गई थीं। अब परिवार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच को सच सामने लाने की सबसे अहम कड़ी मान रहा है।
उधर, दक्षिण जिला पुलिस का कहना है कि मामले में कोई भी संभावना अभी खारिज नहीं की गई है। पुलिस ने BNSS की धारा 196 के तहत कार्रवाई शुरू कर SDM को जांच के लिए सूचित कर दिया है। घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, गवाहों के बयान और परिवार के आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या आकृति की मौत आत्महत्या थी, एक हादसा, या फिर किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा? इसका जवाब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।



