क्राईम डेस्क, https://dhadkannews.com : मुंबई की चमक-दमक के पीछे छिपी एक काली सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। शहर के गिरगांव स्थित एक होटल में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल देह-व्यापार रैकेट का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो अभिनेत्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि एक मेकअप आर्टिस्ट को मौके से गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के संपर्क का फायदा उठाकर महिलाओं को इस अवैध नेटवर्क में धकेल रहा था।
पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू की गई महिलाओं में एक मराठी फिल्मों की मुख्य अभिनेत्री है, जबकि दूसरी बंगाली फिल्मों और कुछ बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में कैमियो भूमिकाएं निभा चुकी है। फिलहाल दोनों की पहचान गोपनीय रखी गई है क्योंकि मामले की जांच जारी है और कानून भी पीड़ितों की पहचान उजागर करने की अनुमति नहीं देता।
मेकअप आर्टिस्ट बना कथित नेटवर्क का कड़ी
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है और कई कलाकारों के साथ काम कर चुका है। आरोप है कि वह अपने पेशेवर संपर्कों का इस्तेमाल कर महिलाओं को ग्राहकों से मिलवाता था और कथित तौर पर सौदों की पूरी व्यवस्था संभालता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
डमी कस्टमर बनकर पहुंची पुलिस
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक डमी ग्राहक भेजा। सौदा तय होते ही टीम ने होटल पर छापा मारा और कथित रैकेट का खुलासा किया। मौके से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
क्या केवल एक होटल तक सीमित है मामला?
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह नेटवर्क सिर्फ गिरगांव तक सीमित था या इसके तार मुंबई के अन्य इलाकों और दूसरे शहरों तक भी फैले हुए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं मानव तस्करी या संगठित अपराध से जुड़े तत्व इस नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थे।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई महानगर क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई हुई हो। इसी वर्ष जनवरी में नवी मुंबई के तुर्भे नाका क्षेत्र में भी अनैतिक मानव तस्करी विरोधी इकाई ने एक लॉज पर छापा मारकर सात महिलाओं को मुक्त कराया था और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के बाद भी पुलिस ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की बात कही थी।
फिल्म इंडस्ट्री पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मनोरंजन जगत में काम करने वाले नए कलाकारों की सुरक्षा, बिचौलियों की भूमिका और काम दिलाने के नाम पर होने वाले कथित शोषण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास और पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।



