लखनऊ/देहरादून/नई दिल्ली, https://dhadkannews.com : केदारनाथ धाम के दर्शन कर पति संग लौट रही 29 वर्षीय नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह के अचानक लापता होने की गुत्थी छह दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश लौटते वक्त चलती ट्रेन से उसका यूं गायब हो जाना पुलिस के लिए बड़ी पहेली बन गया है। न कोई सीसीटीवी फुटेज, न कोई पुख्ता चश्मदीद और न ही मोबाइल से कोई तकनीकी सुराग—ऐसे में यह मामला अब सामान्य गुमशुदगी से कहीं ज्यादा रहस्यमय बन चुका है।
कानपुर निवासी प्रज्ञा सिंह की शादी इसी साल फरवरी में प्रेमी मनीष से परिवार की रजामंदी से हुई थी। शादी के बाद दोनों ग्रेटर नोएडा की ग्रीन वैली विला सोसायटी में नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे थे। विवाह के बाद पहली बार दोनों बाबा केदारनाथ के दर्शन करने गए थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे भयावह याद बन जाएगी।
5 मई की रात… और अचानक सब बदल गया
मनीष के मुताबिक, 2 मई को दोनों केदारनाथ यात्रा पर निकले थे। दर्शन के बाद 5 मई को देहरादून से गाजियाबाद लौटने के लिए ट्रेन में सवार हुए। हरिद्वार तक दोनों सामान्य बातचीत करते रहे। देर रात दोनों को नींद आ गई। जब ट्रेन मुजफ्फरनगर पहुंचने वाली थी तो मनीष की आंख खुली। उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थी। पहले लगा कि वह वॉशरूम गई होगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। बेचैन होकर मनीष ने पूरे कोच और आसपास के डिब्बों में तलाश शुरू की। तभी एक यात्री ने बताया कि उसने रुड़की स्टेशन पार होने के बाद प्रज्ञा को कोच के दरवाजे की ओर जाते देखा था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
मोबाइल बंद, कैमरे खराब… हर सुराग अधूरा
मनीष ने तुरंत प्रज्ञा को कई बार फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। ट्रेन रुकते ही स्टेशन पर तलाश शुरू हुई और रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआती जांच के बाद मामला रुड़की पुलिस को सौंप दिया गया। जांच को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब रुड़की और मुजफ्फरनगर स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे खराब निकले। फुटेज न मिलने से यह साफ नहीं हो सका कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थी या फिर कोई और हादसा हुआ।पुलिस ने संभावित दुर्घटना की आशंका में रेलवे ट्रैक, पुलों और आसपास के कई किलोमीटर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कहीं भी हादसे का कोई संकेत नहीं मिला।
न साजिश के सबूत, न भागने का संकेत
पुलिस ने प्रज्ञा की कॉल डिटेल, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट खंगाले, लेकिन अब तक किसी संदिग्ध संपर्क या योजना का कोई सुराग नहीं मिला। जांच एजेंसियां आखिरी मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।छह दिन से पति मनीष और प्रज्ञा का परिवार रुड़की में डेरा डाले हुए है। हर गुजरते दिन के साथ उनकी उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं।
परिवार की गुहार—‘बस हमारी बेटी को ढूंढ दीजिए’
परिजनों ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द प्रज्ञा को खोजने की अपील की है। उनका कहना है कि हर बीतता पल बेचैनी बढ़ा रहा है।
फिलहाल यह सवाल सबके सामने है—
आखिर केदारनाथ से लौट रही प्रज्ञा ट्रेन से कहां और कैसे गायब हुई?
इस सवाल का जवाब फिलहाल पुलिस के पास भी नहीं है। यही रहस्य इस केस को और उलझा रहा है।



