जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के खितौला थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ गांव बल्कि पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। हिरन नदी किनारे स्थित श्मशान घाट में एक 27 वर्षीय युवक का आधा जला शव चिता पर मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या यह आत्महत्या है, हादसा या फिर किसी साजिश का हिस्सा?
ग्राम खितौला में शनिवार शाम एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया था। परिजन परंपरा के अनुसार जलती चिता को वहीं छोड़कर लौट गए। लेकिन अगली सुबह जब ग्रामीण चिता की राख एकत्र करने पहुंचे, तो वहां का दृश्य भयावह था—चिता पर एक और युवक का जला हुआ शव पड़ा था। मृतक की पहचान सिब्बू कोल उर्फ शुभम कोल के रूप में हुई, जो रात करीब 3 बजे अचानक घर से निकल गया था। परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह तक घर न लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और तलाश शुरू की, जो अंततः श्मशान घाट तक पहुंची। घटना ने इसलिए भी रहस्य गहरा दिया है क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में जलती चिता के संपर्क में आने पर व्यक्ति चीखता-चिल्लाता है या बचने की कोशिश करता है। लेकिन यहां ऐसे किसी संघर्ष के संकेत नहीं मिले। यही वजह है कि मामला सीधा नहीं दिख रहा।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है—परिजनों से पूछताछ, घटनास्थल की बारीकी से जांच और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है। लेकिन एक सवाल अब भी गूंज रहा है—क्या कोई व्यक्ति खुद जलती चिता पर चढ़ सकता है, या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है?



