संवाददाता, https://dhadkannews.com : देश के 1250 से ज्यादा केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होते ही अभिभावकों के बीच होड़ मच गई है। एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए क्लास 1 और बालवाटिका में दाखिले के लिए पोर्टल 20 मार्च सुबह 10 बजे से लाइव हो चुका है—और इसी के साथ शुरू हो गई है “परफेक्ट फॉर्म भरने” की असली परीक्षा।
⏳ कम समय, ज्यादा दबाव! ये हैं अहम तारीखें
ऑनलाइन आवेदन 20 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। वहीं कक्षा 2 और उससे ऊपर के लिए ऑफलाइन आवेदन 2 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच होंगे। क्लास 1 का एडमिशन लिंक 15 अप्रैल शाम 5 बजे तक एक्टिव रहेगा—यानी पैरेंट्स के पास सीमित समय है, लेकिन जल्दबाजी खतरनाक साबित हो सकती है।
🎯 उम्र में एक दिन की चूक = सीधा रिजेक्शन
KVS में उम्र के नियम बेहद सख्त हैं….
- क्लास 1: न्यूनतम 6 साल
- बालवाटिका-1: 3–4 साल
- बालवाटिका-2: 4–5 साल
- बालवाटिका-3: 5–6 साल
अगर उम्र 31 मार्च 2026 के हिसाब से तय सीमा से एक दिन भी कम-ज्यादा हुई, तो आवेदन सीधे खारिज हो सकता है।
⚠️ सबसे बड़ी गलती: ऐप से फॉर्म भरना!
कई पैरेंट्स जल्दी के चक्कर में मोबाइल ऐप्स का सहारा लेते हैं, लेकिन KVS ने साफ कर दिया है—सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर किया गया आवेदन ही मान्य होगा। गलत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आपके बच्चे का पूरा साल खराब कर सकता है।
📄 डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी भी भारी
एडमिशन प्रक्रिया में डॉक्यूमेंट्स की सटीकता बेहद जरूरी है। जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो और कैटेगरी सर्टिफिकेट साफ और सही होने चाहिए। खासकर सिंगल गर्ल चाइल्ड या EWS कोटे में गलत दावा करने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
🎲 बिना परीक्षा, लेकिन किस्मत का खेल
कक्षा 1 में कोई एग्जाम नहीं होता—यहां एडमिशन ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम और प्रायोरिटी कैटेगरी के आधार पर होता है। कक्षा 2 से 8 तक भी ऑफलाइन लॉटरी के जरिए चयन होता है, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो जाती है।
KVS एडमिशन सिर्फ एक फॉर्म नहीं, बल्कि “डिटेल्स का गेम” है। छोटी-सी लापरवाही बड़े नुकसान में बदल सकती है—इसलिए जल्दबाजी नहीं, समझदारी से हर जानकारी भरें।



