लखनऊ,संवाददाता https://dhadkannews.com :उत्तर प्रदेश के चर्चित IPS अधिकारी अनुज चौधरी से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संभल प्रकरण को लेकर अनुज चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने वाले जज का तबादला कर दिया गया है। इस फैसले के बाद प्रशासनिक, राजनीतिक और न्यायिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
आपको बताते चलें कि संभल जिले में सामने आए एक विवादित मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोपों में कहा गया कि कार्रवाई के दौरान अधिकारों का उल्लंघन हुआ और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। इसी संभल प्रकरण को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें IPS अनुज चौधरी की भूमिका को लेकर जांच की मांग की गई।
⚖️ आदेश के बाद तबादला, बढ़ी चर्चाएं
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित न्यायाधीश ने हाल ही में अनुज चौधरी के खिलाफ दर्ज शिकायत पर सुनवाई करते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके कुछ ही समय बाद उनका प्रशासनिक ट्रांसफर कर दिया गया, जिसे लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
🏛️ क्यों संवेदनशील है यह मामला?
अनुज चौधरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद और प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई थी। अदालत के आदेश के बाद मामला और गंभीर हो गया, और अब जज का तबादला इसे और संवेदनशील बना रहा है।
❓ तबादला: प्रक्रिया या दबाव?
जज के तबादले को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं—क्या यह तबादला रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है? या फिर FIR के आदेश के बाद बना दबाव इसकी वजह है? फिलहाल सरकार या प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
🔍 अब आगे क्या?
- सबसे बड़ा सवाल यही है कि—क्या अनुज चौधरी के खिलाफ FIR की कार्रवाई आगे बढ़ेगी? या फिर यह मामला किसी नए कानूनी मोड़ पर पहुंच सकता है? आने वाले दिनों में यह केस राजनीतिक बयानबाजी और न्यायिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।



