नई दिल्ली/पटना, https://dhadkannews.com : बिहार में सोमवार को एक अफसर दंपती के ठिकानों पर हुई विजिलेंस की कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। मामला सिर्फ नकदी या महंगे सामान की बरामदगी तक सीमित नहीं है—तलाशी में सामने आए संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों ने जांच का दायरा और बड़ा कर दिया है।
पटना के एडीएम आपूर्ति रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने तलाशी ली। कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद की गई।
💰 कैश की गड्डियां और महंगी घड़ियों ने खींचा ध्यान
पटना और बेगूसराय में हुई तलाशी के दौरान नकदी, आभूषण, महंगी घड़ियां और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक—
- पटना से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की सूचना है।
- बेगूसराय स्थित आवास से करीब 9 लाख रुपये नकद मिलने की रिपोर्ट है।
- तलाशी में तीन दर्जन से अधिक ब्रांडेड घड़ियां मिली हैं।
- कुछ रिपोर्टों में 48 घड़ियों की कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में घड़ियों का मूल्यांकन अभी बाकी बताया गया है।
- सोने-चांदी के आभूषण और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच टीम के हाथ लगे हैं।
नकदी की गिनती के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया गया। तलाशी के दौरान बरामद सामान और दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया।
🏠 जांच का दूसरा सिरा—जमीन और फ्लैट
विजिलेंस की कार्रवाई में केवल घर में रखी नकदी और आभूषण ही जांच का विषय नहीं हैं। जमीन, फ्लैट और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में—
पटना में दो फ्लैट:
रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी के नाम पर खरीदे गए दो फ्लैट की कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पटना में तीन प्लॉट:
दिवाकर, उनकी पत्नी और पिता के नाम पर करीब 1.28 करोड़ रुपये के तीन प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है।
बेगूसराय में जमीन:
दिवाकर और उनके पिता के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की जमीन होने की बात सामने आई है।
इस तरह पिछले करीब नौ वर्षों में लगभग 3 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने की जानकारी जांच के दायरे में बताई जा रही है। इन संपत्तियों और आय के स्रोत का सत्यापन जांच एजेंसी द्वारा किया जा रहा है।
🔍 असली सवाल नकदी से आगे का है
इस पूरी कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सिर्फ यह नहीं है कि कितनी नकदी मिली। जांच का बड़ा सवाल यह है कि अधिकारी दंपती की घोषित आय और सामने आई संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
विजिलेंस के मुताबिक मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है। एक रिपोर्ट में दंपती पर करीब 1.06 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप दर्ज होने की जानकारी दी गई है। जमीनों के दस्तावेज, फ्लैट, निवेश, नकदी, आभूषण और महंगी घड़ियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कौन-सी संपत्ति वैध आय से अर्जित हुई और किन संपत्तियों को लेकर एजेंसी को आपत्ति है।
⚠️ अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं
छापेमारी के बाद सामने आई रकम और सामान के आंकड़ों में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए बरामद नकदी, आभूषण और घड़ियों की अंतिम संख्या और कुल कीमत का आधिकारिक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विजिलेंस की कार्रवाई का केंद्र यही है कि अधिकारी दंपती की घोषित आय, संपत्ति और निवेश के बीच वास्तविक अनुपात क्या है।
कैश से लेकर जमीन तक… अब निगाह सिर्फ बरामदगी पर नहीं, बल्कि उस पूरी संपत्ति की ‘कमाई की कहानी’ पर है, जिसे विजिलेंस दस्तावेजों के जरिए खंगाल रही है।



