लखनऊ, https://dhadkannews.com : विरोध की राजनीति सोमवार को आगरा की विजय नगर कॉलोनी में उस दरवाजे तक पहुंच गई, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पैतृक आवास है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां प्रदर्शन करते हुए आवास के गेट पर कालिख पोत दी और काले पेंट से ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं’ लिख दिया।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ता बैनर लेकर विजय नगर कॉलोनी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर तक नारेबाजी की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।
दरवाजे पर नारे नहीं, सीधे कालिख
इस प्रदर्शन की सबसे चर्चित तस्वीर आवास के गेट पर नजर आई, जहां प्रदर्शनकारियों ने कालिख पोतने के बाद आपत्तिजनक शब्द लिख दिए। घटना के समय मौके पर पुलिस बल मौजूद नहीं था।
प्रदर्शनकारी कुछ देर नारेबाजी के बाद वहां से चले गए। उनके जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर पोती गई कालिख तथा लिखे गए शब्दों को साफ कराया।
अब CCTV और वायरल तस्वीरों से तलाश
पुलिस ने मामले को लेकर आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे फोटो और वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। पुलिस का प्रयास प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने का है।
CEC ज्ञानेश कुमार का विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक घर पहले भी राजनीतिक विरोध का केंद्र रह चुका है। अगस्त 2025 में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने रास्ते में रोक दिया था।
सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक भी प्रदर्शन
पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक विरोध प्रदर्शन किया। इसमें मथुरा से आए कांग्रेस पदाधिकारी और संगठन महासचिव अनिल यादव भी शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
एक ही दिन, विरोध के दो चेहरे
सोमवार के घटनाक्रम में कांग्रेस का विरोध दो अलग-अलग रूपों में सामने आया—एक तरफ कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी और प्रदर्शन, तो दूसरी तरफ CEC के पैतृक आवास के गेट पर कालिख पोतने की घटना।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आवास तक पहुंचकर गेट को नुकसान पहुंचाने और आपत्तिजनक शब्द लिखने वाले लोग कौन थे। CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इस जांच में अहम कड़ी बन सकते हैं।



