पटियाला : रात का सन्नाटा… हॉस्टल में रहने वाले छात्र… सोशल मीडिया पर तेजी से फैलता एक वीडियो और फिर देखते ही देखते यूनिवर्सिटी कैंपस में उमड़ती छात्रों की भीड़। पंजाब के पटियाला स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर की देर रात कुछ ऐसा ही घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने पूरे कैंपस को तनाव के बीच ला खड़ा किया।
छात्रों के बीच कैंपस में कथित तौर पर ‘भूत’ होने की चर्चा शुरू हुई। देखते ही देखते यह बात सोशल मीडिया पर फैल गई और बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जमा हो गए। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए हॉस्टल और यूनिवर्सिटी परिसर के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग शुरू कर दी। लेकिन मामला सिर्फ अफवाह और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प हो गई।
‘कैंपस में भूत है’—वीडियो के बाद फैली अफवाह
सामने आई जानकारी के मुताबिक, कैंपस में ‘भूत’ दिखाई देने का दावा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के बाद छात्रों के बीच डर और तरह-तरह की चर्चाएं फैलने लगीं।
कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा था कि यूनिवर्सिटी परिसर में पहले एक छात्रा ने कथित रूप से आत्महत्या की थी और उसकी आत्मा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को परेशान कर रही है। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे दावों का खंडन किया है। अधिकारियों की ओर से छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया कि कैंपस में ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
अफवाह से शुरू हुआ विरोध, फिर बिगड़ गया माहौल
देर रात छात्रों की संख्या बढ़ती गई। प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ की भी सूचना सामने आई।
मामले को नियंत्रित करने के लिए थाना बनूड़, थाना सदर राजपुरा और थाना सिटी राजपुरा से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने छात्रों को समझाने और स्थिति सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।बताया जा रहा है कि छात्रों ने पुलिस की एक सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की। घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में भी प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है।
चौकी इंचार्ज से भी धक्का-मुक्की का आरोप
हंगामे के दौरान केएसएम चौकी, सिटी राजपुरा के इंचार्ज अजय कुमार के साथ भी छात्रों की कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंचे थे। यह छात्रों का आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
असली सवाल ‘भूत’ नहीं, कैंपस में अफवाह फैली क्यों ?
पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर एक सोशल मीडिया वीडियो ने कुछ ही समय में सैकड़ों छात्रों को सड़क पर उतरने के लिए कैसे मजबूर कर दिया?
क्या छात्रों के बीच किसी घटना को लेकर पहले से डर या भ्रम था? क्या वायरल वीडियो की सत्यता की जांच किए बिना अफवाह तेजी से फैल गई? और जब प्रशासन ने दावों को खारिज किया तो छात्रों का भरोसा क्यों नहीं बना? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई तोड़फोड़, पुलिस के साथ टकराव और वायरल वीडियो को लेकर स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। ‘भूत’ की कहानी की सच्चाई चाहे जो हो, इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाह कुछ ही घंटों में कैंपस का माहौल कितना बदल सकती है।
‘DHADKAN NEWS’ की नजर में
- सोशल मीडिया पर ‘भूत’ का वीडियो वायरल होने का दावा
- सैकड़ों छात्रों के देर रात प्रदर्शन की सूचना
- हॉस्टल और कैंपस के CCTV फुटेज की मांग
- पुलिस और छात्रों के बीच झड़प
- पुलिस वाहन में तोड़फोड़ का आरोप
- चौकी इंचार्ज के साथ धक्का-मुक्की का आरोप
- पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ‘भूत’ संबंधी दावों का खंडन किया
- वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता जांच का विषय



