नई दिल्ली, https://dhadkannews.com :रात का वक्त था। काम खत्म हो चुका था। घर पहुंचने की जल्दी थी। रास्ता वही था, जो रोज तय होता था। लेकिन पंचशील पार्क मेट्रो स्टेशन के आसपास कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक 21 वर्षीय छात्रा के उस सामान्य सफर को अस्पताल के बिस्तर तक पहुंचा दिया।
छात्रा का आरोप है कि दो बाइक सवार युवक पहले उसके आसपास मंडराए, फब्तियां कसीं, फिर पीछा किया और आखिरकार उनकी बाइक से स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद जो हुआ, वह इस मामले को महज सड़क हादसे से अलग सवालों के घेरे में खड़ा करता है।
एक लड़की भागती रही… बाइक पीछे आती रही
शिकायत के मुताबिक, 11 सितंबर की रात करीब 12 बजे छात्रा साकेत स्थित अपने इंटर्नशिप ऑफिस से स्कूटी पर घर लौट रही थीं।
पंचशील पार्क मेट्रो स्टेशन के पास दो युवक बाइक पर उनके करीब आए। छात्रा का आरोप है कि दोनों ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने रास्ता बदलने या तेजी से आगे निकलने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि बाइक पीछे लगी रही।
- कभी पीछे…
- कभी बराबर में…
- और लगातार परेशान करने का आरोप।
फिर अचानक लगी बाइक की टक्कर
शिकायत के मुताबिक, पीछा करने के दौरान बाइक सवार युवकों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। स्कूटी का संतुलन बिगड़ा। छात्रा सड़क पर जा गिरीं और फिर सड़क ने उनके शरीर को करीब 100 से 150 मीटर तक घसीटा। पत्थर, गिट्टी और धूल से भरी सड़क पर घिसटने के कारण शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। छात्रा का आरोप है कि टक्कर के बाद दोनों युवक वहां नहीं रुके और फरार हो गए।
मदद के लिए पहुंची एंबुलेंस, फिर शुरू हुआ अस्पतालों का सफर
घायल छात्रा को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। शिकायत के अनुसार, Blinkit की एंबुलेंस से उन्हें पहले मैक्स अस्पताल, साकेत ले जाया गया।
वहां इलाज के बाद चोटों की गंभीरता को देखते हुए आगे की चिकित्सा के लिए मेदांता अस्पताल, नोएडा ले जाया गया। छात्रा के मुताबिक, डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी। इलाज यहीं खत्म नहीं हुआ। दूसरी राय के लिए वह कानपुर भी गईं।
लेकिन कहानी में सबसे बड़ा सवाल यहीं से शुरू होता है। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में सूचना एक सड़क दुर्घटना के रूप में मिली थी। बाद में छात्रा की ओर से पीछा करने, छेड़छाड़ और जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप लगाए गए। अब जांच का सबसे अहम हिस्सा है—
- उस रात वहां वास्तव में क्या हुआ था?
- क्या दोनों बाइक सवारों ने सच में छात्रा का पीछा किया?
- क्या टक्कर जानबूझकर मारी गई?
- वे दोनों युवक कौन थे?
- और सबसे अहम—
क्या कोई ऐसा CCTV कैमरा है, जो उस रात की कहानी का वह हिस्सा दिखा सके जो अभी पुलिस की उपलब्ध फुटेज में नजर नहीं आया?
CCTV बना जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी
पुलिस ने आसपास की CCTV फुटेज खंगाली है। उपलब्ध फुटेज में कथित घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देने की बात सामने आई है।
छात्रा ने दोनों अज्ञात युवकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने अपने ऑफिस के उन सहयोगियों के बयान दर्ज करने की भी मांग की है, जो घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे।
शिकायत में कई धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर जांच की जा रही है और शिकायतकर्ता के संपर्क में पुलिस लगातार बनी हुई है।
छात्रा फिलहाल अपने गृह नगर में इलाज करा रही हैं और पुलिस के अनुसार स्वस्थ होने के बाद जांच में शामिल होंगी।
एक हादसा या पीछा करने के आरोपों के बाद हुई टक्कर?
इस मामले का सच जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा।
लेकिन फिलहाल एक 21 वर्षीय छात्रा अस्पताल और इलाज के बीच है, जबकि पुलिस के सामने दो अज्ञात बाइक सवारों की पहचान की चुनौती है।
सड़क पर घिसटने के निशान शायद मिट जाएं…लेकिन उस रात के सवाल अभी बाकी हैं।
DHADKAN NEWS के सवाल
- क्या CCTV की दूसरी फुटेज से बाइक सवारों की पहचान हो सकती है?
- क्या घटनास्थल के आसपास मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना देखी?
- क्या मेडिकल रिपोर्ट आरोपों की कड़ियों को मजबूत करेगी?
- क्या पुलिस को वह बाइक या उसका नंबर मिल पाएगा?
- और सबसे बड़ा सवाल—छात्रा के आरोपों के पीछे उस रात की पूरी सच्चाई क्या थी?



