कानपुर, https://dhadkannews.com : उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 65 वर्षीय रमेश मिश्रा और उनकी 61 वर्षीय पत्नी सरोजनी मिश्रा की फतेहपुर के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार शाम दिल्ली-हावड़ा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की अप लाइन पर हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने इस त्रासदी को और भी मार्मिक बना दिया है।
घर से निकले तो साथ था मिठाई का डिब्बा और पानी की बोतल
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब छह बजे बुजुर्ग दंपती डीएफसी ट्रैक पर पहुंचे और मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस को एक छड़ी, मिठाई का डिब्बा और पानी की बोतल मिली। इन वस्तुओं ने घटनास्थल से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने मृतक दंपती के पास मिले आधार कार्ड के जरिए उनकी पहचान की।
पांच दिन पहले गांव छोड़कर आया था बड़ा बेटा
रमेश मिश्रा और सरोजनी मिश्रा मूल रूप से औंग थाना क्षेत्र के आशापुर गांव के निवासी थे। उनके दो बेटे मनीष और सतीश कानपुर के यशोदा नगर स्थित सतबरी मार्ग, पानी की टंकी के पास रहते हैं।
बताया गया कि बुजुर्ग दंपती अपने बेटों के साथ ही रह रहे थे। करीब पांच दिन पहले खेत में बुआई का काम कराने के लिए बड़ा बेटा सतीश उन्हें गांव छोड़कर आया था। छोटा बेटा मनीष किसी काम से मुंबई गया हुआ है।
पड़ोसी को सौंपे खेती के रुपये, फिर घर से निकले
इस घटना से पहले का एक घटनाक्रम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि घर से निकलने से पहले बुजुर्ग दंपती ने खेती से प्राप्त कुछ रुपये अपने बड़े बेटे को देने के लिए पड़ोसी के पास रखवा दिए थे।
दिवंगत रमेश मिश्रा के भाई दिनेश मिश्रा के मुताबिक, रमेश शुगर की बीमारी से पीड़ित थे और अपनी बीमारी को लेकर परेशान रहते थे। हालांकि, दंपती के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह और परिस्थितियों की पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
माता-पिता की मौत की खबर सुनते ही बेटे को पड़ा हार्ट अटैक
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि माता-पिता की मौत की खबर सुनते ही बड़े बेटे सतीश की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद आनन-फानन में कार्डियोलॉजी अस्पताल, कानपुर में भर्ती कराया गया।
एक तरफ माता-पिता की असामयिक मौत और दूसरी तरफ बेटे की गंभीर हालत ने परिवार को दोहरी त्रासदी में डाल दिया है।
35 मिनट तक प्रभावित रहा मालगाड़ियों का संचालन
घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी के एसआई सूर्यकांत त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हादसे के चलते डीएफसी अप लाइन पर करीब 35 मिनट तक रेल परिचालन प्रभावित रहा। इस दौरान एक इंजन और मालगाड़ी को रोकना पड़ा।
पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
सीओ प्रयांक जैन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एक परिवार के लिए यह सिर्फ दो अपनों को खोने की घटना नहीं, बल्कि ऐसा सदमा है जिसकी भरपाई संभव नहीं। बीमारी, उम्र और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे बुजुर्गों के प्रति परिवार और समाज की संवेदनशीलता भी इस घटना के बाद एक गंभीर सवाल बनकर सामने आई है।



