कानपुर, https://dhadkannews.com : कानपुर के चर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच ने ऐसा नाटकीय मोड़ लिया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस बहू शालू को ससुर की मौत के बाद रोते-बिलखते देखा गया था, अब पुलिस ने उसी को हत्या की कथित साजिश का मुख्य आरोपी बताया है।
पुलिस के अनुसार, यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयार की गई एक कथित योजना थी। आरोप है कि पैसों और आर्थिक नियंत्रण को लेकर नाराज बहू शालू ने सुपारी किलर्स के जरिए अपने ससुर की हत्या करवाने की साजिश रची। पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घर से पार्टी के लिए निकला परिवार… और 10 मिनट बाद फ्लैट में दाखिल हुए हमलावर!
जांच के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:36 बजे शालू अपने पति और छह वर्षीय बेटे के साथ घर से बाहर निकली थी। परिवार पार्टी के लिए गया था। पुलिस के अनुसार, इसके महज 10 मिनट बाद दो संदिग्ध फ्लैट की तरफ पहुंचे और अंदर दाखिल हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उस समय विनीत मिनोचा घर पर मौजूद नहीं थे। दोनों आरोपी कथित तौर पर करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर छिपकर उनका इंतजार करते रहे। रात करीब 10:58 बजे विनीत घर लौटे और कुछ ही देर बाद उनकी हत्या कर दी गई।
पहले ‘हार्ट अटैक’ दिखाने का प्लान था? देर तक नहीं सोए तो बदल गई हत्या की रणनीति
पुलिस जांच में एक और बेहद सनसनीखेज दावा सामने आया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों की शुरुआती योजना हत्या को हार्ट अटैक या सामान्य मौत का रूप देने की थी। कथित रणनीति यह थी कि विनीत के सोने के बाद उनका गला दबाकर हत्या की जाए, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन उस रात विनीत देर तक नहीं सोए।
इसके बाद कथित तौर पर हमलावरों ने अपनी योजना बदल दी और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम में विनीत के शरीर पर कई गहरे चोट और चाकू के घाव मिलने की बात सामने आई है।
6 साल पुराना नौकर विशाल… लेकिन घर के हर राज से था वाकिफ!
सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस एक आरोपी तक पहुंची, जिसकी पहचान विशाल के रूप में हुई।विशाल करीब छह साल पहले तक विनीत मिनोचा के घर में नौकर था। बाद में चोरी के आरोपों के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि विशाल का परिवार के कुछ सदस्यों से संपर्क बना हुआ था और वह कभी-कभार घर आता-जाता भी था।
यही वजह थी कि उसे घर की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी—कौन कब बाहर जाता है, कौन किस समय लौटता है और घर के अंदर आने-जाने का तरीका क्या है।
डुप्लीकेट चाबी ने खोला साजिश का बड़ा राज!
पुलिस के मुताबिक, विशाल ने कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी के जरिए फ्लैट में प्रवेश किया था। इस सुराग ने जांचकर्ताओं के सामने यह सवाल और मजबूत कर दिया कि क्या हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार थी?
पुलिस का मानना है कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि कथित तौर पर हर कदम सोच-समझकर तय किया गया था।
करोड़ों का घर… फिर भी नहीं हुई लूट! यहीं से परिवार पर गहराया शक
हत्या के बाद पुलिस को एक बात बेहद असामान्य लगी।विनीत मिनोचा एक संपन्न कारोबारी परिवार से थे, लेकिन कथित हमलावरों ने घर में मौजूद नकदी, गहनों या अन्य कीमती सामान को हाथ नहीं लगाया। यानी हत्या हुई, लेकिन लूट नहीं हुई।
यहीं से पुलिस का शक किसी बाहरी अपराधी की बजाय घर के अंदर से जुड़ी संभावित साजिश की दिशा में गहराने लगा।
‘पैसा अपना था, लेकिन खर्च की आजादी नहीं थी’—क्या यही बनी हत्या की वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के अनुसार, विनीत मिनोचा परिवार के आर्थिक मामलों और खर्चों पर काफी नियंत्रण रखते थे। पुलिस का आरोप है कि बहू शालू इस व्यवस्था से नाराज थी और उसे अपनी इच्छा के अनुसार पैसे खर्च करने की आजादी नहीं मिल रही थी। यही आर्थिक विवाद और नाराजगी कथित तौर पर धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गई।
6 लाख की सुपारी? 2 लाख हत्या के बाद और 4 लाख बाद में देने की कथित डील
पुलिस जांच में कथित तौर पर हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी तय होने की बात भी सामने आई है।बताया जा रहा है कि:
- 2 लाख रुपये हत्या के बाद दिए जाने थे
- 4 लाख रुपये करीब 15 दिन बाद देने की बात थी
हालांकि, मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी है और पुलिस आरोपों से जुड़े सभी सबूतों की पड़ताल कर रही है।
24 घंटे में पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपी दबोचे गए
पुलिस ने दावा किया कि हत्या के कुछ ही समय बाद दोनों कथित हमलावरों की पहचान कर ली गई।जवाहरपुरम इलाके के आसपास पुलिस कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। दोनों से पूछताछ के बाद जांच की दिशा परिवार तक पहुंची और फिर बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या ससुर की मौत पर बहाए गए आंसू सच में गम थे या पुलिस के मुताबिक एक ऐसी कहानी का हिस्सा, जिसकी स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी?
कानपुर का यह हत्याकांड अब सिर्फ एक कारोबारी की हत्या नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों, पैसे और कथित साजिश की ऐसी कहानी बन चुका है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।



