नई दिल्ली, संवाददाता https://dhadkannews.com:पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ताज़ा फैसले ने देशभर के व्यापारिक और औद्योगिक सेक्टर को बड़ी राहत दी है। 23 मार्च 2026 से लागू इस नए नियम के तहत अब कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाई जा रही है, लेकिन इसके साथ सख्त शर्तें भी जोड़ी गई हैं।
🔥 राहत भी, नियम भी
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल LPG का 20% अतिरिक्त आवंटन देने की अनुमति दी है। इससे कुल सप्लाई अब धीरे-धीरे उस स्तर तक पहुंचने लगेगी, जहां पहले किसी तरह की कमी नहीं थी।यानी—गैस मिलेगी ज्यादा लेकिन सिस्टम रहेगा और ज्यादा सख्त।
🍽️ किन सेक्टर को सीधा फायदा?
इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन सेक्टर पर पड़ेगा जो सीधे LPG पर निर्भर हैं: रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी उद्योग,कम्युनिटी किचन और सस्ते भोजन केंद्र। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे (5 किलो) सिलेंडर की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
📋 अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी गैस
सरकार ने साफ कर दिया है कि अतिरिक्त LPG पाने के लिए सभी कमर्शियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन अब कोई अतिरिक्त गैस नहीं मिलेगी।
👀 हर सिलेंडर पर रहेगी नजर
नई व्यवस्था में ऑयल कंपनियां हर उपभोक्ता का पूरा डेटा रखेंगी। कितना गैस इस्तेमाल हो रहा है, किस काम में इस्तेमाल हो रहा है? सालाना जरूरत कितनी है?इसका मकसद साफ है—गड़बड़ी, ब्लैक मार्केटिंग और दुरुपयोग पर रोक।
🔗 PNG से जोड़ने की भी तैयारी
सरकार का फोकस सिर्फ LPG बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अब जो भी अतिरिक्त गैस लेना चाहता है, उसे अपने क्षेत्र की सिटी गैस कंपनी से PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। यानी भविष्य में LPG से PNG की ओर शिफ्ट भी तेज हो सकती है।
⚖️ बड़ा संकेत क्या है?
यह फैसला सिर्फ राहत नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत भी है—सरकार LPG सप्लाई को “कंट्रोल + ट्रैक + ट्रांजिशन” मॉडल पर ले जा रही है। जहां हर उपभोक्ता की निगरानी और वैकल्पिक ईंधन (PNG) की ओर धक्का दोनों शामिल हैं।



