संवाददाता, https://dhadkannews.com : मुंबई से आई एक बड़ी खबर ने उद्योग जगत को स्तब्ध कर दिया है। देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। यह जानकारी उनके बेटे और कंपनी के मौजूदा चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
✈️ सिर्फ उद्योगपति नहीं, आसमान छूने वाले शख्स
विजयपत सिंघानिया केवल एक सफल कारोबारी ही नहीं थे, बल्कि साहस और जुनून का दूसरा नाम भी थे। उन्हें विमान उड़ाने का शौक था और उन्होंने हॉट एयर बैलून के जरिए दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी बनाया—जो उन्हें एक अलग पहचान देता है।
🏭 ‘रेमंड’ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले नेता
करीब दो दशकों तक (1980 के दशक से 2000 तक) उन्होंने Raymond Group का नेतृत्व किया और इसे भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री का ग्लोबल चेहरा बनाया। उनके कार्यकाल में ‘रेमंड’ सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि गुणवत्ता और क्लास का प्रतीक बन गया।
👨👦 विरासत, विवाद और फिर सुलह
साल 2000 में उन्होंने कंपनी की कमान अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी और अपनी पूरी 37% हिस्सेदारी भी उन्हें ट्रांसफर कर दी। हालांकि, बाद के वर्षों में पिता-पुत्र के बीच कानूनी विवाद भी सामने आया, जिसने सुर्खियां बटोरीं। लेकिन समय के साथ दोनों ने मतभेद भुलाकर रिश्तों को फिर से संभाल लिया—जो उनकी निजी जिंदगी का अहम मोड़ रहा।
🏅 सम्मान और अंतिम विदाई
विजयपत सिंघानिया को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी नवाजा गया था। उनका निधन मुंबई में हुआ और रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
📌 एक युग का अंत
विजयपत सिंघानिया के साथ भारतीय उद्योग जगत का एक ऐसा अध्याय समाप्त हुआ है, जिसने परंपरा, महत्वाकांक्षा और वैश्विक पहचान—तीनों को एक साथ जोड़ा। उनकी कहानी सिर्फ बिजनेस की नहीं, बल्कि ऊंची उड़ान भरने की प्रेरणा है।



