कानपुर, संवाददाता https://dhadkannews.com :खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश के अधीन कार्यरत राजकीय फल संरक्षण केंद्र कानपुर नगर द्वारा ग्राम डोड़वा जमौली, विकासखंड शिवराजपुर में दो दिवसीय मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान सीमा शुक्ला के पति राम शुक्ला ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाकर विभागीय योजनाओं से जुड़ने और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट भी वितरित की गई।
कार्यक्रम के आयोजक और केंद्र प्रभारी कमलेश बाबू मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को उद्यम स्थापना के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि ₹2 लाख तक की यूनिट स्थापना पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके लिए डीआरपी शिवम त्रिपाठी द्वारा प्रस्ताव तैयार कर बैंकों को भेजा जाएगा, जिससे बैंक ऋण के माध्यम से पूंजी की व्यवस्था हो सकेगी और विभागीय सब्सिडी से उद्यम शुरू करना आसान होगा।
प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ उपासना दीक्षित ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न उत्पादों के निर्माण, मूल्य संवर्धन और गुणवत्ता बनाए रखने की बारीकियां सिखाईं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक विधियों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को स्थानीय उत्पादों के माध्यम से नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न नियमों और घटकों की भी जानकारी दी गई। डीआरपी शिवम त्रिपाठी ने बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज, सिबिल स्कोर और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना सहित उद्यान विभाग की योजनाओं और पर ड्रॉप मोर क्रॉप जैसी टपक सिंचाई योजनाओं के बारे में बताया, जिन पर किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उद्यमिता के माध्यम से बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन सभी 30 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर विशेषज्ञ जितेंद्र मिश्रा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।



