संवाददाता,https://dhadkannews.com : शुक्रवार का दिन सुहागिनों के लिए काफी खास रहा, हो भी क्यों न जो करवाचौथ था। सुहागिन महिलाएं सज-सवरकर कर सायं से ही अपनी छतों पर चन्द्र देवता का इंतजार करती दिखीं। चंद्र देवता ने अलग-अलग शहरों में अलग-अलग समय पर दर्शन दिए। देश की राजधानी दिल्ली में चन्द्र देवता ने 8 बजकर 13 मिनट पर दर्शन दिए तो वहीं यूपी की राजधानी लखनऊ में 8 बजकर 02 मिनट, कानपुर में 8 बजकर 06 मिनट और वाराणसी में 08 बजकर 16 मिनट पर दर्शन दिए ।
सुहागिनों के लिए सबसे अधिक महत्व रखने वाले पर्व करवा चौथ पर पत्नियों ने अपने पति के लिए व्रत रखा और अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। सोलह श्रृंगार कर साजन की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखकर ईश्वर से उसकी हर बला से दूर रखने की कामना की। शाम को चंद्र दर्शन करने के बाद अपने पति के हाथ से जल पीकर कर व्रत खोला। सुहागिन महिलाएं इस दिन का बहुत ही बेसब्री से इंतजार करती हैं और इस दिन एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजती और संवरती हैं। जानकारों की मानें तो सुहागिलें अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिये निर्जला व्रत रखती हैं। पूरे दिन भूखी-प्यासी पत्नियों को उनके पति उपहार देते हैं। बताया जाता है कि सबसे पहले शिव जी के कहने कहने पर द्रोपदी ने पांडवों को उनके विपत्ति के समय को दूर करने के लिए व्रत रखा था तभी से माने जाने लगा की जो भी स्त्री इस दिन करवा चौथ का व्रत रखेगी उसके घर में सुख- समृद्धि आएगी और उसके पति की हर बला से ईश्वर रक्षा करेंगे।



