Health Alert, https://dhadkannews.com : सावन की फुहारें जहां भीषण गर्मी से राहत देती हैं, वहीं यही मौसम कई संक्रामक बीमारियों का सबसे बड़ा कारण भी बन जाता है। बारिश के दौरान बढ़ी हुई नमी, जगह-जगह जमा पानी और दूषित खानपान बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों के तेजी से फैलने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होती है।
इस मौसम में अस्पतालों और क्लीनिकों में पेट संबंधी संक्रमण और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में समय रहते लक्षण पहचानना और बचाव करना बेहद जरूरी है।
ऐसे मौसम में इन बीमारियों से रहें सबसे ज्यादा सावधान
- पीलिया और हेपेटाइटिस-ए
दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण लिवर पर असर पड़ सकता है। आंखों और पेशाब का पीला होना, भूख कम लगना, उल्टी, कमजोरी और जी मिचलाना इसके प्रमुख संकेत हैं।
- टाइफाइड
गंदे पानी और संक्रमित भोजन से फैलने वाला यह संक्रमण कई दिनों तक तेज बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द और कमजोरी का कारण बन सकता है। लक्षण नजर आते ही जांच कराना जरूरी है।
- दस्त और फूड पॉइजनिंग
बारिश में खुले या बासी भोजन से संक्रमण तेजी से फैलता है। बार-बार दस्त, उल्टी, पेट दर्द और शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत उपचार लेना चाहिए।
- वायरल फीवर और सर्दी-खांसी
मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहना और बदन दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं।
- मलेरिया
जमा पानी में पनपने वाले मच्छर मलेरिया फैलाते हैं। ठंड लगकर तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी इसके सामान्य लक्षण हैं।
- डेंगू
तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा प्लेटलेट्स में गिरावट डेंगू के गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
- चिकनगुनिया
अचानक तेज बुखार के साथ जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और त्वचा पर चकत्ते दिखाई दे सकते हैं। कई मरीजों में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रहता है।
बचाव ही सबसे बड़ी दवा
- केवल साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
- खुले, कटे हुए और बासी भोजन से बचें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी बाजू के कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- हाथों की साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- बुखार या अन्य गंभीर लक्षण दिखने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
बारिश का आनंद जरूर लें, लेकिन अपनी सेहत से समझौता न करें। सावधानी, स्वच्छता और समय पर इलाज ही सावन को सुरक्षित और खुशहाल बना सकते हैं।



