लखनऊ, संवाददाता https://dhadkannews.com : योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को लेकर बड़ा और तेज़ फैसला लेते हुए दो दिनों के भीतर IAS अधिकारियों के तबादलों की ‘मेगा कवायद’ पूरी कर दी है। इस व्यापक फेरबदल में कुल 64 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें 25 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं।
ताज़ा सूची में अलीगढ़, अयोध्या, बाराबंकी और गाजीपुर समेत कई अहम जिलों में नए डीएम की नियुक्ति की गई है। अविनाश कुमार को अलीगढ़, शशांक त्रिपाठी को अयोध्या और इशान प्रताप सिंह को बाराबंकी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही शासन स्तर पर भी कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों में नई तैनाती मिली है, जिससे प्रशासनिक संतुलन और कार्यकुशलता को और मजबूत करने की कोशिश की गई है। इस बड़े फेरबदल में आगरा की नियुक्ति ने खास ध्यान खींचा है। मनीष कुमार बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। अप्रैल 2026 के इस प्रशासनिक बदलाव से पहले वे सहारनपुर के डीएम के रूप में कार्यरत थे। उनकी प्रोफाइल को लेकर भी चर्चा तेज़ है—वे भारत के वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद हैं, जबकि उनकी पत्नी मेधा रूपम (IAS) इस समय गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। इस तरह यह नियुक्ति प्रशासनिक और व्यक्तिगत—दोनों कारणों से सुर्खियों में बनी हुई है।
इससे पहले रविवार रात जारी आदेश में 40 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया था, जिसमें 15 जिलों के डीएम बदले गए थे। वहीं, सोमवार को जारी दूसरी सूची में 24 और अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ 10 जिलों में नए डीएम तैनात किए गए। खास बात यह है कि इस फेरबदल में 7 अधिकारियों को पहली बार जिलाधिकारी बनने का मौका मिला है। इनमें ब्रजेश कुमार (औरैया), आलोक यादव (शामली), अभिषेक गोयल (हमीरपुर), इंद्रजीत सिंह (सुल्तानपुर), अन्नपूर्णा गर्ग (श्रावस्ती), नितिन गौड़ (अमरोहा) और सरनजीत कौर (रायबरेली) शामिल हैं।
सरकार के इस बड़े फैसले को प्रशासनिक कसावट, जवाबदेही और ज़मीनी स्तर पर तेज़ अमल सुनिश्चित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। लगातार दो दिनों में इतने बड़े स्तर पर हुए तबादलों ने साफ संकेत दिया है कि राज्य सरकार अब प्रशासनिक प्रदर्शन को लेकर किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।



