नई दिल्ली, संवाददाता, https://dhadkannews.com: अप्रैल की शुरुआत में ही उत्तर भारत का मौसम चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। जहां आमतौर पर इस समय गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार ठंडी हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को फिर से सर्दियों का अहसास करा दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर लोगों को दोबारा गर्म कपड़े और रजाई निकालनी पड़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक के बाद एक-दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले हैं, जिनका असर 7 से 10 अप्रैल के बीच चरम पर रहेगा।
बर्फ और बारिश का डबल अटैक
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। वहीं, मैदानी राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को भारी बारिश और बर्फबारी के साथ 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
दिल्ली में बारिश का वार, राजस्थान में आंधी का कहर
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 7-8 अप्रैल को तेज हवाओं (लगभग 50 किमी/घंटा) के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। वहीं राजस्थान में 6 और 7 अप्रैल को 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने के आसार हैं।
पूर्वी राज्यों पर भी खतरे के बादल
मौसम विभाग ने बिहार और झारखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 6 से 8 अप्रैल के बीच तेज आंधी, ओलावृष्टि और 70 किमी/घंटा तक की हवाएं चल सकती हैं। साथ ही, 8 और 9 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
देश के बाकी हिस्सों में भी बदलेगा मौसम
मध्य भारत के कई हिस्सों में 5 से 8 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 5-6 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
10 अप्रैल के बाद फिर बदलेगा ट्रेंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 7 से 10 अप्रैल तक सक्रिय यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ेगा और गर्मी अपना असर दिखाएगी।
अप्रैल में सर्दी की यह अप्रत्याशित वापसी सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में तेज गर्मी से पहले का एक संकेत भी है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।



