स्टॉकहोम: उत्तरी यूरोप के देश स्वीडन में सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले ने कानूनी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। 60 वर्षीय एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी का कथित रूप से लंबे समय तक शोषण किया और कई पुरुषों को उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए उपलब्ध कराया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऐसे पुरुषों की संख्या 120 तक हो सकती है।
मामले की प्रभारी अभियोजक इडा एनरस्टेड ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया है कि आरोपी अक्टूबर से हिरासत में है। उसके विरुद्ध गंभीर यौन अपराधों से जुड़े आरोप तय किए जा रहे हैं और 13 मार्च को औपचारिक अभियोग दायर किया जाएगा।
जांच में क्या सामने आया?
अभियोजन पक्ष का कहना है कि महिला का “संगठित तरीके से शोषण” किया गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटनाओं में महिला को मजबूर किया गया था या किसी प्रकार के नशीले पदार्थ का इस्तेमाल हुआ। जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अब तक दो पुरुषों पर महिला को रकम देकर यौन संबंध के आरोप लगाए गए हैं। यदि वे दोषी सिद्ध होते हैं तो उन्हें अधिकतम एक वर्ष की सजा हो सकती है। अन्य संदिग्धों की पहचान और भूमिका की भी जांच जारी है।
कानून क्या कहता है?
स्वीडन में यौन सेवाएं खरीदना और उपलब्ध कराना कानूनन अपराध है। हालांकि, जो व्यक्ति यौन सेवाएं बेचता है, उसे कानूनी रूप से पीड़ित माना जाता है। यदि पति पर “गंभीर रूप से यौन सेवाएं उपलब्ध कराने” का आरोप साबित होता है, तो उसे दो से दस वर्ष तक की जेल हो सकती है।
पहचान गोपनीय, आरोपी ने आरोप नकारे
प्राधिकरणों ने दंपति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। आरोपी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।
व्यापक असर
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि सहमति, दुरुपयोग और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अदालत में सुनवाई के बाद ही इस मामले पर पर्दा उठेगा।



