लखनऊ, https://dhadkannews.com : उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक युवती की मौत अब साधारण घटना नहीं रह गई है। कब्र से शव निकालने की प्रशासनिक कार्रवाई ने इस पूरे मामले को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। प्रेम, विश्वासघात और कथित साजिश के इस केस ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में दफनाई गई एक युवती का शव जिला प्रशासन के आदेश पर कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। डीएम अमित पाल के निर्देश पर यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई। यह मामला तब तूल पकड़ा जब मृतका के परिजनों ने गांव के ही शादाब नामक युवक पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि युवक ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ संबंध बनाए, कई बार गर्भपात करवाया और बाद में शादी से मुकर गया। परिजनों के मुताबिक, जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने किनारा कर लिया। इससे मानसिक रूप से आहत होकर युवती ने कथित तौर पर जहर खा लिया। बताया जा रहा है कि युवक ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
मामले को और संदिग्ध तब माना गया जब युवक ने मौत को बीमारी बताकर जल्दबाजी में शव को दफन करा दिया। बाद में जब परिजनों ने युवती का मोबाइल खंगाला, तो कथित चैट और अन्य सबूतों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई।
न्याय की लड़ाई
मृतका की छोटी बहन ने जिला अधिकारी से न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया गया।
अब सबकी नजर पीएम रिपोर्ट पर
इस पूरे मामले में अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बेहद अहम मानी जा रही है। यही रिपोर्ट तय करेगी कि यह आत्महत्या थी, दबाव में उठाया गया कदम या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।
स्थानीय माहौल गरम
घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल है। लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कौशांबी का यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उन सवालों का आईना है जो समाज में रिश्तों, भरोसे और न्याय व्यवस्था पर खड़े होते हैं। अब देखना होगा कि जांच सच्चाई तक कितनी जल्दी पहुंचती है और क्या पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाता है।



