धार (मध्य प्रदेश), https://dhadkannews.com:मध्य प्रदेश के धार जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पत्नी को लोग पति की मौत पर फूट-फूटकर रोते देख सहानुभूति जता रहे थे, वही इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली।
रोने वाली पत्नी पर ही क्यों गया शक?
7 अप्रैल 2026 को गोंदीखेड़ा चारण गांव में देवकृष्ण की हत्या की खबर ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। पत्नी प्रियंका पुरोहित ने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, दोनों को बंधक बनाया और विरोध करने पर उसके पति की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर घर से करीब 3.5 लाख रुपये के गहने और नकदी लूटकर फरार हो गए। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी में कई ऐसे मोड़ आए जिन्होंने पुलिस को सतर्क कर दिया।
बार-बार बदले बयान, खुल गया राज
प्रियंका के बयान लगातार बदल रहे थे, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ। जब घर की तलाशी ली गई तो वो गहने भी बरामद हो गए जिन्हें लूट में जाने का दावा किया गया था। मौके से मिले अन्य सबूतों ने भी साफ संकेत दिया कि हत्या किसी जानकार ने ही की है। सख्ती से पूछताछ में आखिरकार प्रियंका टूट गई और उसने जो सच बताया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
प्यार, साजिश और सुपारी किलिंग
जांच में सामने आया कि प्रियंका की शादी कम उम्र (करीब 15 साल) में देवकृष्ण से हो गई थी। इसी दौरान उसका राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित से प्रेम संबंध शुरू हो गया। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन पति के रहते यह संभव नहीं था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। कमलेश ने अपने साथी सुरेंद्र को एक लाख रुपये में देवकृष्ण की हत्या की सुपारी दी।
नींद में उतारा मौत के घाट
योजना के तहत सुरेंद्र रात में घर पहुंचा और सोते हुए देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने प्रियंका को दूसरे कमरे में बांध दिया ताकि घटना को असली लूट जैसा दिखाया जा सके। सुरेंद्र के जाने के बाद प्रियंका ने शोर मचाया और पूरे मामले को लूट के दौरान हत्या बताकर गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस ने खोला पूरा खेल
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सुरेंद्र अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के विश्वासघात और साजिश की खौफनाक मिसाल बनकर सामने आया है—जहां आंसुओं की आड़ में छिपा था खून का सच।



