कानपुर, संवाददाता: कानपुर की बिल्हौर विधानसभा का इतिहास काफी पुराना है। यहां की आवाम ने कईयों को अपना अमूल्य वोट देकर विधानसभा भेजा। इनमें से कई मंत्री भी बने लेकिन यहां की आवाम के बीच वो स्थान नहीं बना पाए जिससे वो इनके दिलों पर राज कर सकें। यहां पिछले तीन वर्ष पूर्व इस विधानसभा को ऐसा विधायक राहुल बच्चा के रूप में मिला जिसका इंतजार वर्षों से था। यहां के लोगों की मानें तो राहुल बच्चा जहां अपने विधानसभा क्षेत्र में परिवार स्वरूप काम कर रहे हैं वहीं यहां की आवाम भी इन्हें अपना भाई और बेटा समझती है।
अपने पिता शहीद काला बच्चा से मिले संस्कार व उनके पदचिह्नों पर चलकर राहुल बच्चा सोनकर ने वो मुकाम हासिल किया है कि जिसकी कल्पना करना भी आज के राजनीतिक परिपेक्ष में बेईमानी होगी। भाजपा के टिकट पर तीन वर्ष पूर्व बिल्हौर विधानसभा से चुनाव जीते राहुल बच्चा आज इस विधानसभा की शान बन गए हैं। यहां के लोगों की मानें तो वह इस विधानसभा के ऐसे पहले विधायक हैं जो हर व्यक्ति के सु:ख-दुःख में सदैव साथ खड़े नजर आते हैं। वह इस विधानसभा को जहां अपना परिवार मानते हैं तो वहीं यहां के लोग भी कोई भाई तो कोई बेटा बुलाकर उन्हें संबोधित करता है। हर दिल और हर घर में उन्होंने इन तीन वर्षों अपना अलग स्थान बना लिया है। इनके नेतृत्व में जहां बिल्हौर विधानसभा में विकास खूब हो रहा है तो वहीं लोगों के हर काम भी आसानी से हो रहे हैं। यहां के वरिष्ठतम लोग बताते हैं कि विधायक ‘राहुल बच्चा’ उच्च व्यक्तित्व और सरल स्वभाव के धनी हैं इन तक हर व्यक्ति की पहुंच आसान है सत्ताधारी पार्टी के विधायक होने के बावजूद भी ऐसा होना इनको एक महान इंसान बनाता है। सीधी बात कहें तो बिल्हौर विधानसभा के लिए राहुल बच्चा विधायक कम जननायक- जनसेवक के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं।



