लखनऊ, https://dhadkannews.com : जिस घर में एक फौजी के अंतिम संस्कार की तैयारी होनी थी, वहां अचानक चार और मौतों की खबर पहुंच गई। चंडीगढ़ में तैनात सूबेदार सत्यवान के पार्थिव शरीर को लेकर परिवार के लोग एंबुलेंस से देवरिया लौट रहे थे। सफर मंजिल तक पहुंचता, उससे पहले ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक भीषण हादसे ने परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 79 के पास तेज रफ्तार एंबुलेंस आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एंबुलेंस में सवार चार लोगों की मौत हो गई।
जिस पिता को अंतिम विदाई देने जा रहे थे, उसी सफर में बेटे की भी मौत
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ में तैनात सेना के सूबेदार सत्यवान की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर सेना की एंबुलेंस से देवरिया स्थित उनके पैतृक क्षेत्र रुद्रपुर ले जाया जा रहा था।
एंबुलेंस में परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। लेकिन सुल्तानपुर में हुआ हादसा इतना भयावह था कि सत्यवान के पार्थिव शरीर के साथ जा रहे उनके परिवार के लोगों की भी जान चली गई। हादसे में एंबुलेंस चालक जसपाल, राजन सिंह पुत्र भूपति, गौरव सिंह पुत्र सत्यभान और राम समझ पुत्र जयसिंह की मौत की जानकारी सामने आई है।
बेटे, भाई और भतीजे ने रास्ते में तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में सूबेदार सत्यवान के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में उनके बेटे, भाई और भतीजे की मौत हुई है। यानी जिस पार्थिव शरीर को परिवार अंतिम संस्कार के लिए घर ले जा रहा था, उसी यात्रा में परिवार के कई सदस्य खुद मौत के शिकार हो गए।
यह खबर परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
एक मौत के बाद शुरू हुआ सफर, चार और जिंदगियां खत्म
यह हादसा सिर्फ सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की त्रासदी है जिसने कुछ घंटे पहले ही अपने फौजी सदस्य को खोया था। परिवार जिस एंबुलेंस में अपने प्रियजन को अंतिम यात्रा पर घर ले जा रहा था, वही वाहन रास्ते में चार और जिंदगियों की आखिरी सवारी बन गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार, भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



