मथुरा/लखनऊ, https://dhadkannews.com : वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़ा विवाद अब एक और गंभीर सवाल की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच अभी जारी ही है कि आश्रम के बाहर अपने लापता परिजनों की तलाश में पहुंचे कई परिवारों ने विरोध-प्रदर्शन कर जवाब मांगा।
शनिवार को आश्रम के बाहर अलग-अलग जगहों से पहुंचे परिवारों ने अपने परिजनों के बारे में जानकारी मिलने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उनका कहना है कि उनके घर के लोग प्रेमानंद महाराज के दर्शन या आश्रम जाने की बात कहकर वृंदावन के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका संपर्क टूट गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना अभी सही नहीं होगा कि ये लोग आश्रम में ही मौजूद हैं। पुलिस और संबंधित जांच के जरिए ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लापता लोग आखिर कहां हैं।
कासगंज का 16 वर्षीय मयंक… 7 अगस्त से घर नहीं लौटा
मामलों में कासगंज के आवास विकास कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय मयंक सिंह चौहान का नाम सामने आया है। परिजनों के मुताबिक, मयंक 7 अगस्त को घर से प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंचा।
परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा है और इसी सिलसिले में वृंदावन पहुंचकर आश्रम के बाहर जानकारी लेने की कोशिश की गई।
महाराष्ट्र से आईं उज्ज्वला, बेटे ओम की तलाश जारी
दूसरा मामला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उज्ज्वला ताकपिरे अपने 20 वर्षीय बेटे ओम परमेश्वरी ताकपिरे की तलाश में वृंदावन पहुंचीं।
परिजनों का कहना है कि ओम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं मिल पा रही है। बेटे की तलाश में परिवार आश्रम के बाहर पहुंचा और अपनी बात रखने की कोशिश की।
नोएडा की 35 वर्षीय विभा भी लापता
इसी बीच नोएडा से सामने आया मामला भी चिंता बढ़ा रहा है। 35 वर्षीय विभा 15 अगस्त को यह कहकर घर से निकली थीं कि वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम जा रही हैं। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटीं।
परिवार के अनुसार, विभा पहले भी आश्रम जाती रही थीं और वापस घर लौट आती थीं। लेकिन इस बार कई सप्ताह गुजरने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने नोएडा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और बेटी की तलाश में वृंदावन पहुंचकर आश्रम के बाहर जानकारी लेने का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि उन्हें आशंका है कि विभा आश्रम या उसके आसपास हो सकती हैं। हालांकि, आश्रम में उनकी मौजूदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाथरस के अनुज का मामला भी चर्चा में
आश्रम से जुड़े विवादों के बीच हाथरस निवासी अनुज चौधरी का मामला भी सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक अनुज के परिजनों ने उसके लापता होने के बाद आश्रम के बाहर धरना दिया था और उसके बारे में जानकारी देने की मांग की थी।
परिजनों ने आश्रम से जुड़े लोगों पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए, जबकि पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि दीक्षा के बाद आश्रम में उसके ठहरने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। इस मामले में पुलिस जांच जारी रही।
आश्रम के बाहर आमने-सामने आए सवाल और जवाब
प्रदर्शन के दौरान परिजनों और आश्रम से जुड़े कुछ लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बनी। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर कुछ सेवादारों और अन्य लोगों के साथ विवाद हुआ तथा पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लिया।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आश्रम से जुड़े सेवादारों ने इन आरोपों को आश्रम और प्रेमानंद महाराज की छवि खराब करने की साजिश बताया। दूसरी ओर, परिजन अपने सवालों के जवाब और लापता अपनों की जानकारी की मांग पर अड़े रहे।
मौत के मामले के बीच बढ़े सवाल
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब आश्रम से जुड़े रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत की जांच चल रही है। पुलिस के अनुसार मामला प्रथम दृष्टया छत से गिरने/कूदने से जुड़ा माना गया, लेकिन घटना से जुड़े कई सवालों के कारण जांच जारी है। पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
यानी एक तरफ पुलिस शिष्य की मौत की परिस्थितियों की तह तक पहुंचने में जुटी है, तो दूसरी तरफ आश्रम के बाहर अपने लापता परिजनों को खोजते परिवार सवाल उठा रहे हैं।
असली सवाल: लापता लोग आखिर कहां हैं?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल किसी आरोप को सही या गलत ठहराना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि जो लोग अपने परिवारों को आश्रम जाने की बात कहकर निकले थे, वे आखिर कहां हैं?
- क्या वे वास्तव में आश्रम पहुंचे थे?
- क्या उन्होंने किसी दूसरे धार्मिक स्थल या स्थान का रुख किया?
- क्या पुलिस के पास उनकी आवाजाही से जुड़ी कोई ठोस जानकारी है?
- और परिवारों को उनके संबंध में अब तक क्या जानकारी मिली है?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकते हैं।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि परिवार अपने लापता परिजनों की सुरक्षित वापसी चाहते हैं और आश्रम के बाहर उनका प्रदर्शन इस मामले की गंभीरता को सामने ला रहा है। आश्रम में लापता लोगों के होने या किसी तरह की संलिप्तता का निष्कर्ष जांच के बिना निकालना उचित नहीं होगा।
‘Dhadkan News’ की नजर इस पूरे मामले पर बनी हुई है। जैसे-जैसे पुलिस जांच से प्रमाणित जानकारी सामने आएगी, तस्वीर और साफ होगी।



