नई दिल्ली, https://dhadkannews.com : राजधानी दिल्ली में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अचानक बेहद कड़ी कर दी गई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। मौके पर बैरिकेडिंग और निगरानी भी बढ़ाई गई है।
इस सुरक्षा कवायद का असर दिल्ली मेट्रो और सड़क यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। DMRC ने 11 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। हालांकि कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्री मेट्रो बदल सकेंगे।
इन 11 स्टेशनों पर Entry-Exit बंद
DMRC के मुताबिक इन स्टेशनों पर फिलहाल प्रवेश और निकास की सुविधा उपलब्ध नहीं है—
- जनपथ
- पटेल चौक
- केंद्रीय सचिवालय
- राजीव चौक
- सेवा तीर्थ
- मंडी हाउस
- लोक कल्याण मार्ग
- आईएनए
- चावड़ी बाजार
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- नई दिल्ली
हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और नई दिल्ली समेत कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रहने की जानकारी दी गई है। यानी यात्री इन स्टेशनों पर मेट्रो लाइन बदल सकते हैं, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या बाहर से प्रवेश करने की सुविधा प्रतिबंधित है।
जंतर-मंतर के चारों तरफ सुरक्षा घेरा
SIR के खिलाफ प्रदर्शन के आह्वान के बाद जंतर-मंतर क्षेत्र में पुलिस और RAF के जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल और दंगा नियंत्रण वाहन भी लगाए गए हैं।
प्रस्तावित प्रदर्शन में राजनीतिक नेताओं, छात्र संगठनों, कार्यकर्ताओं और सिविल सोसायटी से जुड़े लोगों के शामिल होने का आह्वान किया गया है। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही और इस्तीफे की मांग उठाई गई है।
धारा 163 ने और बढ़ाई पाबंदी
नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस के आदेश के अनुसार बिना लिखित अनुमति सार्वजनिक सभा, पांच या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा, जुलूस, प्रदर्शन और धरना जैसी गतिविधियों पर रोक है। हथियारों के अलावा लाठी, डंडे, पोस्टर और कुछ अन्य वस्तुओं के साथ सार्वजनिक रूप से चलने पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार यह आदेश पहले से प्रभावी है और निर्धारित अवधि तक लागू रहने वाला है, जब तक इसे पहले वापस नहीं लिया जाता।
कनॉट प्लेस से संसद मार्ग तक ट्रैफिक पर असर
सुरक्षा व्यवस्था का असर सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित नहीं है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, पटेल चौक, GPO, टॉलस्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड और संसद मार्ग सहित आसपास के इलाकों में यातायात नियंत्रण और डायवर्जन की व्यवस्था की है। वाहन चालकों को प्रभावित मार्गों से बचने और अतिरिक्त यात्रा समय रखने की सलाह दी गई है।
गांधी जयंती के कार्यक्रम भी बने अतिरिक्त कारण
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कार्यक्रमों के कारण भी मध्य दिल्ली में पहले से विशेष यातायात व्यवस्था लागू है। राजघाट और विजय घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर भी प्रतिबंध और नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। ऐसे में जंतर-मंतर के प्रस्तावित प्रदर्शन ने मध्य दिल्ली की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और संवेदनशील बना दिया है।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
अगर आज नई दिल्ली, कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, पटेल चौक, संसद मार्ग या आसपास के इलाकों की यात्रा जरूरी है, तो मेट्रो और सड़क दोनों की स्थिति को ध्यान में रखकर निकलना होगा। बंद किए गए स्टेशनों से प्रवेश या निकास संभव नहीं होगा और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण सामान्य से अधिक समय लग सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यही है कि जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा घेरे के साथ-साथ मेट्रो नेटवर्क पर भी बड़ा प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन की ओर से अगला आदेश आने तक संबंधित स्टेशनों के Entry-Exit पर यह व्यवस्था जारी रहेगी।



