नई दिल्ली, संवाददाता https://dhadkannews.com: एनडीए समर्थित सीपी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने मंगलवार को हुए चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी विपक्षी प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों से हराया। निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने नतीजों का ऐलान करते हुए कहा कि सुदर्शन रेड्डी को 300 प्रथम वरीयता के मत मिले हैं जबकि सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में कुल 452 वोट पड़े। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि 15 वोट अमान्य पाए गए है।
आपको बताते चले कि इस चुनाव की बड़ी बात यह रही कि वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया था कि वोटिंग में विपक्ष पूरी तरह एकजुट रहा और सभी 315 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया था। नतीजों को देखें तो जयराम रमेश के 315 विपक्षी सांसदों के दावे से राधाकृष्णन को 137 अधिक वोट मिले। राधाकृष्णन को 452 वोट मिलने से यह स्पष्ट दिख रहा है कि उनके पक्ष में विपक्षी सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की। संविधान व निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक इस चुनाव में किसी को भी वोट देने के लिए सांसद स्वतंत्र होते हैं। पार्टियां भी अपने दल के उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने के लिए व्हिप जारी नहीं करती हैं। इस चुनाव की एक दिलचस्प बात ये भी है कि 15 वोट अमान्य पाए गए. पिछले चुनावों की बात करें तो 2017 के चुनाव में 11 वोट और 2022 में 15 वोट अमान्य पाए गए थे। इस उपराष्ट्रपति चुनाव में अमान्य वोटों की संख्या 15 रही है। उपराष्ट्रपति बनने पर सीपी राधाकृष्णन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पूरी कैबिनेट व देशवासियों की ओर से बधाईयों का ताता लगा है।



